सोमवार को नायब तहसीलदार सचिन चौधरी और क्षेत्रीय रेंजर नवरत्न सिंह के नेतृत्व में अभियान चला। भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा। सरकारी भूमि चिह्नित कर जेसीबी खाई खोदी गई। उसके बाद सरकारी भूमि की जुताई की गई और वन विभाग का कब्जा कराया गया। इस भूमि पर आने वाले समय में वन विभाग पौधारोपण का इसकी सुरक्षा करेगा।
स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को डीएफओ राजेश कुमार मनोहरपुर के जंगल में पहुंचे। उन्होंने अभी तक खाली कराई गई भूमि की जानकारी ली और भूमि को सुरक्षित करने संबंधित वन विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। कहा कि गंगा के आसपास मौजूद सरकारी भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा। वन विभाग अधिनियम के तहत सभी नियमों पालन किया जाएगा। इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार, लेखपाल जितेंद्र वर्मा, नीरज कुमार सहित दर्जनों अधिकारी मौजूद रहे।
सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर था सालों से कब्जा
खादर क्षेत्र में गंगा के आसपास पड़ी हजारों हेक्टेयर सरकारी भूमि पर भू माफियाओं का कब्जा था, जो प्रतिवर्ष इस भूमि पर फसल उगा रहे थे और इसमें रसायनिक खादों का प्रयोग कर रहे थे। इससे जलीय जीवों की जान संकट में थी, जिसे देखते हुए शासन ने इस भूमि को खाली कराने के निर्देश दिए। राजस्व और वन विभाग की टीम द्वारा 15 दिन से चलाए गए अभियान के अंतर्गत अभी तक करीब 307 हेक्टेयर सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। अभी अन्य गांव की सरकारी भूमि चिह्नित करने के लिए अभियान चलेगा।