सरधना। गांव अटेरना में रजबहे की पटरी टूटने से फसलें हुई जलमग्न। ग्रामीण
खेतों में पानी भरने से 12 किसानों को भारी नुकसान हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। अटेरना गांव के जंगल में शनिवार की रात रजबहे की पटरी टूटने से करीब 300 बीघा फसल जलमग्न हो गई। खेतों में पानी भरने से 12 किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद सिंचाई विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर मरम्मत के लिए नहीं पहुंचा।
अटेरना गांव के जंगल से निकलने वाली रजबहे के पानी से आसपास के कई गांवों के खेतों की सिंचाई होती है। शनिवार की रात अचानक पटरी टूटने के बाद पानी खेतों में फैल गया। रविवार को किसान अपने खेतों पर पहुंचे तो देखा कि फसलें जलमग्न हो चुकी हैं और नुकसान बहुत बड़ा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी लेकिन किसी ने मरम्मत के लिए कर्मचारियों को भेजना मुनासिब नहीं समझा। रविवार शाम रात 8:00 बजे तक भी पटरी की मरम्मत नहीं हो सकी थी।
इस मामले में अटेरना गांव के किसान महाराज सिंह, संजू, प्रमोद, राज सिंह, भगवत सिंह, जयपाल, तेजवीर सिंह, सूरजपाल, राहुल, ब्रजेश और राजेश सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे और राहत की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो इस तरह की घटनाओं से उनकी आर्थिक हालत और खराब हो सकती है।
सरधना। गांव अटेरना में रजबहे की पटरी टूटने से फसलें हुई जलमग्न। ग्रामीण