स्मार्ट शहरों की अंतिम सूची में शामिल होने के लिए मेरठ एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश करेगा। 28 जनवरी को लखनऊ में बैठक होगी। इसमें नगर निगम प्रशासन और कंसलटेंट अपना प्रपोजल पेश करेंगे। रीजनल सेंटर फॉर अरबन एंड एंवायरमेंट स्टडीज ने नगर निगम प्रशासन को प्रपोजल के साथ बुलाया है।
स्मार्ट शहर की सूची में शामिल होना मेरठ की जनता का सपना है। वोटिंग के दौरान यह साबित भी कर दिया था। 29 जुलाई 2015 को पहली बार लखनऊ में प्रजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित हुआ था। जिसमें मेरठ सहित उप्र के 14 नगर निगम, 48 नगर पालिकाओं के अधिकारियों ने हिस्सा लिया था। स्मार्ट सिटी के बिंदुओं पर नगर निगम मेरठ काफी हद तक खरा उतरा था। मेरठ को 75 अंक देकर 13वें स्थान पर रखा था। लेकिन रात- रात सूची से छेड़छाड़ करके क्रांतिधरा के साथ धोखा कर दिया। रायबरेली को 75 अंक देकर ए श्रेणी में रख दिया और मेरठ को 13 बी स्थान दे दिया था। इसका खामियाजा मेरठ आज तक भरता चला आ रहा है। अब अंतिम मौका है। क्योंकि केन्द्र सरकार शीघ्र ही स्मार्ट सिटी के नामों की सूची जारी करने की तैयारी में है। अभी सरकार ने नोडल एजेंसी रीजनल सेंटर फॉर अरबन एंड एन्वायरमेंट स्टडीज को अंतिम सूची में शामिल होने की दौड़ में शामिल नगर निगम और नगर पालिकाओं के अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के आदेश पर 28 जनवरी को लखनऊ में बैठक बुलाई है। निगम के अधिकारी बैठक की तैयारी में जुट गए हैं। दोबारा से कंसलटेंट बीके पटेल को भी शामिल किया गया है।
इस बार निगम को इन पर भी मिलेंगे नंबर
महानगर में अब गंगाजल की आपूर्ति विधिवत हो रही है।
सीवर लाइन भी चालू हो चुकी है।
कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए अनुबंध हो चुका है।
एलईडी लाइट के लिए भी कंपनी से अनुबंध हो चुका है।
नगर निगम समस्त लेखाजोखा ऑनलाइन है।
टैक्स वसूली में भी काफी इजाफा हुआ है।