विधानसभा निर्वाचन की नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन भी किसी प्रत्याशी का पर्चा दाखिल नहीं हुआ। सातों विधानसभाओं से पर्चे लेने वाले जरूर आए। प्रमुख प्रत्याशियों में भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी और संगीत सोम सहित 27 ने पर्चे खरीदे।
बुधवार को किठौर विधानसभा से सपा के शाहिद मंजूर, सिवालखास से बसपा के नदीम चौहान और निर्दलीय संजय कुमार, हस्तिनापुर से निर्दलीय गोपाल काली और सीमा जाटव, सरधना से भाजपा से ठा. संगीत सोम, रालोद के सुखवीर सिंह, शहर सीट से भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, बसपा के पंकज जौली, शिवसेना के धीरज गोयल और निर्दलीय सरिता, कैंट सीट से सपा से आरती अग्रवाल, शिवसेना से जिले सिंह, रालोद से वकील अहमद, यूडीएफ से लोकेश, निर्दलीय सोनवीर, देशपाल गुर्जर और विनोद चौधरी ने नामांकन पत्र लिये। जबकि दक्षिण सीट पर भाजपा के सोमेंद्र तोमर, सपा से आदिल चौधरी, शिवसेना से चहन सिंह, डीपी अवस्थी, नूरबानो और रविभट्ट ने पर्चे लिए।
याकूब के सामने लड़ता रहूंगा चुनाव
पुलिस विभाग से सेवानिवृत्ति ले चुके चहन सिंह और बसपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी का विवाद चर्चित रहा है। थप्पड़ कांड के उस मामले ने उस समय बड़ा तूल पकड़ा और पुलिस के सिपाही चहन सिंह का नाम तब चर्चा में आया था। इस मामले में कानूनी लड़ाई के बाद चहन सिंह अब याकूब के सामने राजनैतिक लड़ाई लड़ रहे हैं। चहन सिंह ने इस बार याकूब के सामने दक्षिण सीट से पर्चा भरने की ठानी है। चहन सिंह का कहना है कि याकूब जहां भी चुनाव लड़ेेंगे, वह उनके सामने होगा।
गोपाल काली के पर्चे पर चर्चा
पूर्व विधायक भाजपा नेता गोपाल काली की हस्तिनापुर सीट पर मजबूत दावेदारी थी। लेकिन नेतृत्व ने दिनेश खटीक को प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद गोपाल काली बगावत की स्थिति में आ गए हैं। उन्होंने 20 जनवरी को पंचायत कर जहां फैसला लेने की बात कही है, वहीं बुधवार को उनके नाम से पर्चा लिया जाना चर्चा में आ गया है।