बाद में एक प्रॉपर्टी डीलर ने मकान को अपने नाम कराने को लेकर पॉवर ऑफ अटार्नी के साथ नामांतरण का आवेदन किया। जिसमें आवास विकास ने मामले को पकड़ लिया। आरोप है कि नामांतरण कराने के नाम पर आवास विकास के एक अधिकारी ने 25 लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर डाली। रकम ज्यादा मांगने पर प्रॉपर्टी डीलर ने रिश्वत मांगने की बात रिकॉर्ड कर वायरल कर दी।
संपत्ति अधिकारी के नाम से मांगी रिश्वत
एक सप्ताह पहले फोन पर रिकॉर्ड ऑडियो में आरोपी अधिकारी ने प्रॉपर्टी डीलर से दावा किया कि संपत्ति अधिकारी ने बताया कि संपत्ति 50 लाख से अधिक की है। इसलिए इसको नाम करने के लिए 25 लाख रुपए लगेंगे।
संपत्ति बेनामी लिस्ट में डालकर नीलाम कर दी जाएगी।आवास आयुक्त अजय चौहान ने अधिकारी को दोषी माना। शुक्रवार को संयुक्त आवास आयुक्त अजय श्रीवास्तव को मेल जारी कर निलंबन के निर्देश प्राप्त हो गए।
मामला जानकारी में
ऑडियो मैंने भी सुनी है कि मेरे नाम से पैसा मांगा जा रहा है। लेकिन जब तक शिकायत नहीं आएगी क्या कर सकते हैं। -नरेश बाबू, संपत्ति अधिकारी
टालने के लिए बोला
वह आदमी मुझ पर गलत तरीके से काम कराने के लिए दबाव बना रहा था। मैंने उसे टालने के लिए बोल दिया कि पैसे लगेंगे। -आरोपी अधिकारी
कार्रवाई की जा रही है
आवास आयुक्त द्वारा निलंबन की कार्रवाई के निर्देश आ गए हैं। निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। संपत्ति अधिकारी को लेकर भी जांच होगी। -अजय श्रीवास्तव, संयुक्त आवास आयुक्त