मेरठ के मवाना में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नाश्ते में पकौड़ी खाने के बाद 24 छात्राओं की हालत बिगड़ गई। चार छात्राओं को ज्यादा परेशानी हुई और इनमें से दो को मेरठ रेफर कर दिया गया। आठ छात्राएं सीएचसी में भर्ती कराई गईं, जबकि 12 को चिकित्सकों ने विद्यालय में ही दवाएं दीं। एसडीएम और सीओ ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं का हाल-चाल पूछा। नाश्ते के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में पकौड़ियां खाने के बाद 24 छात्राओं की हालत बिगड़ने के मामले को पहले दबाने की कोशिश होती रही, लेकिन जब एक के बाद एक छात्राओं की तबीयत खराब होती चली गई तो अफसर दौड़े। महिला आयोग की सदस्य राखी त्यागी भी विद्यालय में पहुंच गईं। बीएसए योगेंद्र कुमार भी मौके पर गए।
सुबह नाश्ते के बाद कई छात्राओं की तबीयत खराब हुई तो विद्यालय प्रशासन ने मामले को दबाने का प्रयास किया। कई छात्राओं को विद्यालय में ही रखा। दोपहर तक हालात काबू में नहीं आने पर आठ अन्य छात्राओं को सीएचसी में भर्ती कराया। कार्यवाहक सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल शर्मा ने विद्यालय पहुंचकर दर्जनभर छात्राओं को दवा दी। एसडीएम का कहना है कि जहां छात्राएं रह रही हैं, वहां हवा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का यह भी कारण हो सकता है। पूछताछ में कई छात्राओं ने मामूली सिरदर्द बताया। उन्हें मौके पर ही दवा दे दी गई। एसडीएम ने कहा कि खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के कारणों का पता चल पाएगा।