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22 नए मरीजों को हुई स्वाइन फ्लू की पुष्टि

Wed, 06 Feb 2019 01:40 AM IST
vipul saini न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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Doctor writes prescription - फोटो : social media
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 स्वाइन फ्लू के मंगलवार को 22 नए मरीज मिले हैं। इनमें 14 मेरठ के हैं तो एक-एक मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, शामली, अलीगढ़, गुड़गांव और गौतमबुद्धनगर का। बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू युवाओं पर भी हमला कर रहा है। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पताल में चल रहा है। इन्हें मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में पुष्टि हुई है।
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यह मरीज जयदेवीनगर, शास्त्रीनगर, बेगबाग, कंकरखेड़ा, यूरोपियन स्टेट, सुशांत सिटी, नंगला भट्टू, सोमदती विहार, पल्लवपुरम, ग्लोबल सिटी, ग्रेटर गंगा आदि क्षेत्रों के रहने वाले हैं। मरीजों की उम्र एक साल से लेकर 62 साल तक है। नवंबर 2018 से अब तक 211 लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। जिनमें तीन मरीजों की मौत हुई है। इस साल में मेरठ में 141 मरीज मिल चुके हैं। साल 2017 में स्वाइन फ्लू के करीब 400 मरीज मिले थे, जिनमें 21 लोगों की मौत हो गई थी।

स्वाइन फ्लू के वायरस में हो रहा बदलाव
स्वाइन फ्लू का वायरस खुद में बदलाव (म्यूटेशन) कर रहा है, जिस कारण मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि विशेषज्ञ इस बदलाव को 2017 के मुकाबले ज्यादा खतरनाक नहीं मान रहे हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों पर की गई स्टडी और मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में आ रहे नमूनों की जांच में हुआ है।
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माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग ने बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस बदलाव तो कर रहा है, इसी वजह से रोजाना नए मरीज मिल रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा खतरनाक नहीं लग रहा है। 2017 में यह वायरस इस बार से ज्यादा खतरनाक था। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि स्वाइन फ्लू का वायरस खुद में बदलाव कर लेता है। वायरस में बदलाव आमतौर पर उन्हें दवा प्रतिरोधी बना देता है। कई मरीजों को दवाओं की डोज बढ़ानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि यही वजह है कि हर दो तीन साल बाद स्वाइन फ्लू के मामले अचानक बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि जो लोग लंबे समय से किसी बीमारी से पीड़ित हैं और उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है या फिर अस्पतालों में काम करने वाले लोगों को स्वाइन फ्लू की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।

यह बरतें सावधानी
संक्रमित लोगों से दूर रहना चाहिए
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क और रुमाल का इस्तेमाल करें
खानपान से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं
बाहर से आने के बाद गर्म पानी से हाथ धोएं या स्नान करें
सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

स्वाइन फ्लू : प्रदेश का हाल-साल दर साल        
साल        ग्रसित रोगियों की संख्या      मृतकों की संख्या
2015            1578                       33
2016             122                        16
2017            3858                       132
2018              66                          08
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