मां की मौत भी नहीं डिगा सकी मनतशा का आत्मविश्वास
- हालातों ने नहीं दिया साथ, आत्मविश्वास से बनाई बात
- ऐसे छात्र जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हौसले का साथ नहीं छोड़ा
वाहिद अली
मेरठ। जो स्वंय को हर परिस्थिति के अनुसार ढालना जानता है, उसे जीवन के जीने की कला आ जाती है। हम बात कर रहे हैं ऐसे छात्रों की जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आत्मविश्वास को नहीं डिगने दिया। हापुड़ रोड स्थित पुराना कमेला की जगह स्थापित राजकीय इंटर कॉलेज, केके इंटर कॉलेज और फैज ए आम इंटर कॉलेज के छात्रों ने हालातों से लड़कर सफलता हासिल की।
आशियाना कॉलोनी निवासी मनतशा ने 10वीं कक्षा में 71 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। परीक्षा से ठीक एक महीना पहले मनतशा की मां रुखसाना मृत्यु हो गई थी। मां को खो देने के बाद भी मनतशा ने हौसला दिखाते हुए सिर्फ परीक्षा ही नहीं दी, बल्कि अच्छे नंबरों से सफलता प्राप्त की। प्रधानाचार्य पूनम गोयल ने इस बेटी की खूब सराहना की। मनतशा के पिता आइसक्रीम बेचते हैं। मनतशा ने बताया उनके भाई फुरकान सहित परिवार के सभी लोगों ने उनका हौसला टूटने नहीं दिया।
केके इंटर कॉलेज के 10वीं के छात्र वैभव गुप्ता के पिता प्रवेश गुप्ता मुहल्ले में छोटी सी परचून की दुकान चलाते हैं। आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी न होने के बावजूद वैभव ने 86 प्रतिशत अंक से परीक्षा पास की है। प्रधानाचार्य वीर बहादुर सिंह ने बताया छात्रों को कॉलेज के स्टॉफ ने हर संभव मदद की और हौसला बढ़ाया। जिससे छात्र ने सफलता प्राप्त की। फैज ए आम इंटर कॉलेज के 12वीं के छात्र अब्दुल समद स्वयं परचून की दुकान से अपने परिवार का पेट पालते हैं। इसी संघर्ष के बीच दुकान चलाने के साथ ही उसने पढ़ाई भी की, जिससे इंटरमीडिएट में उन्होंने 79 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कॉलेज में पहला स्थान पाया है। पिता ह्रदय रोग से पीड़ित हैं। बड़ा बेटा होने के कारण समद पर परिवार की भी जिम्मेदारी है। परिवार के साथ पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाते हुए समद ने सफलता हासिल की। समद भविष्य में इंजीनियर बनकर परिवार का नाम रोशन करना चाहते हैं। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा आयशा के पिता बिरयानी बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। आयशा ने 12वीं में 75.4 अंक पाकर कॉलेज टॉप किया है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाद भी आयशा ने पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी। आयशा एक शिक्षिका बननी चाहती हैं।