डाक संस्करणों सहित सभी केंद्रों के लिए
- यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणामों में फिर लहरा छात्राओं की सफलता का परचम
- बागपत की तनु बनीं प्रदेश की टॉपर
- हर साल बढ़ रहा बेटियों की सफलता का ग्राफ
शालू अग्रवाल
मेरठ। छेड़छाड़ और अपराध की घटनाओं से हर रोज जूझने वालीं बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में एक बार फिर लड़कों को मात दे दी। पूरे संसाधन न होने के बाद भी बेटियों ने बोर्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराकर स्वयं को साबित किया है। बेटियों की मेहनत का लोहा लड़कों को भी मानना पड़ा है। मेरठ में हाईस्कूल में लड़कियों का पास प्रतिशत 95.57 जबकि लड़कों का 86.23 रहा। वहीं, इंटरमीडिएट में लड़कियों का पास प्रतिशत 85.89 और लड़कों का 67.89 प्रतिशत है।
हाईस्कूल में टॉप टेन लिस्ट में 15 स्टूडेंट्स हैं, जिनमें से नौ लड़कियां हैं। इंटरमीडिएट में टॉप टेन लिस्ट में 12 विद्यार्थी हैं, जिनमें से सात छात्राएं हैं। मेरठ में 12वीं में प्रियांशु ने जिला टॉप किया है, तो बागपत के श्री राम एसएम इंटर कॉलेज बड़ौत की छात्रा तनु तोमर 97.80 प्रतिशत अंक लेकर प्रदेश में टॉपर बनीं। साल 2018 में इंटरमीडिएट में 83.27 प्रतिशत बेटियां सफल हुई थीं। जबकि छात्रों का परीक्षा परिणाम 66.86 रहा था। वहीं, इस वर्ष इंटरमीडिएट में 76.46 प्रतिशत बेटियां सफल हुईं और छात्रों का पासिंग प्रतिशत केवल 64.40 ही रहा। उधर, हाईस्कूल में साल 2018 में 86.23 प्रतिशत बेटियां और 77.5 प्रतिशत रिजल्ट छात्रों का रहा था। तो इस वर्ष 83.98 प्रतिशत बेटियों ने सफलता हासिल की और लड़कों का पासिंग प्रतिशत कुल 76.66 ही रहा।
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बाक्स में:
मेहनत में हर साल आगे रहीं बेटियां --
हाईस्कूल रिजल्ट 2013 से 2018 : क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वालों जिलों का हाईस्कूल का जोड़ा गया रिजल्ट प्रतिशत वर्ष 2013 में 86.63 प्रतिशत था। इनमें छात्रों का प्रतिशत 82.87 और छात्राओं का 91.25 प्रतिशत था। वर्ष 2014 में रिजल्ट 86.71 प्रतिशत था। इनमें छात्रों का 83.25 और छात्राओं का 90.86 प्रतिशत था। वर्ष 2015 में रिजल्ट 83.74 प्रतिशत था। इनमें छात्रों का 79.73 प्रतिशत और छात्राओं का 88.34 प्रतिशत था। वर्ष 2016 में रिजल्ट 87.66 प्रतिशत था, इनमें छात्रों का 84.82 और छात्राओं का 91.11 प्रतिशत था। साल 2017 में 81.18 प्रतिशत रिजल्ट रहा है। इनमें छात्रों का 76.75 प्रतिशत और छात्राओं का 86.50 प्रतिशत रहा था। साल 2018 में 80.78 रहा है। इनमें लड़कों का 77.05 प्रतिशत और छात्राओं का 86.23 प्रतिशत रहा।
इंटर रिजल्ट 2013 से 2018 : इसी तरह इंटरमीडिएट में वर्ष 2013 में रिजल्ट 92.68 प्रतिशत रहा था। इनमें छात्र 89.79 प्रतिशत और छात्राएं 96.32 प्रतिशत थे। वर्ष 2014 में 92.21 प्रतिशत रिजल्ट रहा था। इनमें छात्र 89.81 प्रतिशत और छात्राएं 95.13 प्रतिशत थे। वर्ष 2015 में रिजल्ट 88.83 प्रतिशत रहा था, इनमें छात्र 85.91 प्रतिशत और छात्राएं 92.16 प्रतिशत थीं। वर्ष 2016 में 87.99 प्रतिशत रहा था। इनमें छात्र 84.35 प्रतिशत और छात्राएं 92.48 प्रतिशत रही थीं। साल 2017 में रिजल्ट 82.62 प्रतिशत रहा था। इनमें छात्र 77.16 प्रतिशत और छात्राएं 88.80 प्रतिशत रही थीं। साल 2018 में 73.48 प्रतिशत रहा था। इनमें लड़कों का 66.86 प्रतिशत और लड़कियों का 83.27 प्रतिशत रहा था।
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हाईस्कूल रिजल्ट में जिलेवार पासिंग प्रतिशत
जिला छात्र छात्राएं
मेरठ 86.23 - 95.57
मुजफ्फरनगर 88.06 - 96.43
शामली 88.55- 95.22
गौतमबुद्ध नगर 87.15- 95.66
अमरोहा 86.67- 93.88
गाजियाबाद 83.88 96.04
हापुड़ 81.77- 94.62
सहारनपुर 81.40- 93.53
बुलंदशहर 81.36- 90.54
बागपत 79.22- 91.07
बिजनौर 75.67- 88.04
इंटरमीडिएट के रिजल्ट में जिलेवार पासिंग प्रतिशत
जिला छात्र छात्राएं
मेरठ 67.89 - 85.89
मुजफ्फरनगर 72.95 - 92.29
शामली 85.19 - 93.59
गौतमबुद्ध नगर 73.27 - 88.52
अमरोहा 83.28 - 91.82
गाजियाबाद 80.41 - 93.96
हापुड़ 78.04 - 89. 04
सहारनपुर 78.46 - 90.46
बुलंदशहर 75.52 - 84.94
बागपत 76.18 - 87.34
बिजनौर 76.37 - 88.82