भाजपा के लिए भारी पड़ सकते हैं हरेंद्र अग्रवाल
कांग्रेस प्रत्याशी हरेंद्र कर सकते हैं भाजपा के परंपरागत वैश्य वोट बैंक में सेंधमारी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से राजेंद्र अग्रवाल को तीसरी बार प्रत्याशी बनाए जाने पर भाजपा में मचे अंदरूनी घमासान पर कांग्रेस की बांछें खिलती नजर आ रही है। कांग्रेस का मानना है कि वैश्य बिरादरी के पार्टी प्रत्याशी हरेंद्र अग्रवाल भाजपा के परंपरागत वैश्य वोट में सेंधमारी कर सकते हैं। इसके अलावा टिकट से नाराज भाजपा नेताओं के भी अंदरखाने कांग्रेस की मदद करने की चर्चा शुरू हो चुकी है।
मेरठ-हापुड़ सीट 2009 से भाजपा के कब्जे में हैं। कांग्रेस ने इस बार वैश्य बिरादरी के कद्दावर नेता हरेंद्र अग्रवाल को मैदान में उतारा है। हरेंद्र अग्रवाल प्रदेश के पूर्व सीएम बनारसी दास गुप्ता के बेटे हैं। उनकी वैश्य समाज में अच्छी पकड़ है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि सीट पर गठबंधन और भाजपा में सीधा मुकाबला होगा। लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा वैश्य बिरादरी के अलावा भाजपा के अन्य परंपरागत वोटों में सेंधमारी का असर भाजपा पर पड़ सकता है। हालांकि भाजपा नेता इससे इत्तेफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि यह सीट इस बार भी भाजपा के खाते में जा रही है। वहीं गठबंधन नेता इस सीट को अपने खाते में बता रहे हैं। गठबंधन नेताओं का मानना है कि उन्हें अपनी वोटों के अलावा भाजपा विरोधी वोट भी मिलेंगी।