ई-टेंडर प्रक्रिया में गोलमाल पर डूडा पहुंचे नगरायुक्त
मेरठ। 15 करोड़ के विकास कार्यों की ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में गोलमाल का मामला उजागर होने पर मंगलवार को नगरायुक्त भी डूडा पहुंच गए। लगभग दो घंटे तक वह डूडा कार्यालय में रहे। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों पर पीओ से जवाब मांगा।
शहर की मलिन बस्तियों में विकास कराने के लिए शासन ने डूडा को 15 करोड़ रुपये जारी किए हैं, लेकिन सरकारी मंशा पर डूडा के अधिकारियों ने अपनों को लाभ दिलाने के लिए नियम कायदों को ताक पर रखकर सभी कार्यों के टेंडर मथुरा की वेबसाइट पर डाल दिए। मामला संज्ञान में आया तो आनन-फानन में फिर से टेंडर निकाले गए, लेकिन अमर उजाला ने अधिकारियों की कारगुजारी को उजागर करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। अब अफसर कार्यों की स्वीकृति आदेश जारी करने से पहले अपने बचाव में जुटे हैं। मामला उजागर होने पर मंगलवार को डूडा पीडी एवं नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान सूरजकुंड स्थित डूडा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पर डूडा के पीओ से जवाब मांगते हुए व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए। हालांकि सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि सभी अधिकारी टेंडर प्रक्रिया में हुए गोलमाल पर पर्दा डालने की तैयारी में लगे हैं।