अलग अलग सड़क दुघर्टनाओं में देहात क्षेत्र के चार लोगों की मौत
किठौर थाना क्षेत्र में हुई तीन मौत, मरने वालों में एक लावड़ तो दो कायस्थबड्ढा गांव के
सरधना क्षेत्र के भी एक व्यक्ति की इज्तिमा से लौटते हुए बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर हादसे में मौत
कायस्थबड्ढा के ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर किया हंगामा
खरखौदा में गन्ने से लदे ट्रक ने स्कूली बच्चों से भरी वैन को टक्कर मारी, दर्जन भर बच्चे हुए घायल
किठौर/माछरा/सरधना/खरखौदा।
देहात क्षेत्र में मंगलवार को सड़कें खून से लाल हुई, अलग अलग सड़क दुघर्टनाओं में जहां चार लोगों की मौत हुई तो कई घायल हो गये। कसबा लावड़ निवासी एक व्यक्ति अपने बेटे की शादी का कार्ड बांटने जा रहा था, तो अज्ञात वाहन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गयी। जबकि कायस्थबड्ढा निवासी एक ग्रामीण और एक किशोर ओवरलोड गन्ने से भरे ट्रक की चपेट में आ गये और दोनों की कुचलकर मृत्यु हो गई। इनके अलावा सरधना क्षेत्र के एक व्यक्ति की बुलंदशहर इज्तिमा से वापस लौटते हुए स्टेशन पर प्लेटफार्म और चलती ट्रेन के बीच फंसने से दर्दनाक मौत हो गई।
बेटे की शादी का कार्ड बांटने निकाला, मिली मौत
लावड़ निवासी नरेश शर्मा के बेटे कुणाल कौशिक की शादी 11 दिसंबर को है और सगाई की रस्म 8 दिसंबर को होनी है। नरेश शर्मा बेटे की शादी का कार्ड बांटने के लिए बाइक पर गढ़मुक्तेशवर की तरफ जा रहे थे। ग्राम शोल्दा के पास अज्ञात वाहन ने नरेश शर्मा की बाइक में टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त कराते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सूचना पाकर नरेश शर्मा के परिजन भी किठौर थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि नरेश शर्मा की कसबे के बाजार में इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान है। रात तक मृतक के परिजनों की तरफ से थाने में घटना को लेकर तहरीर नहीं दी गई थी।
गन्ने से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर ट्राला के नीचे आकर दो की मौत
दूसरा हादसा ग्राम कायस्थबड्ढा और मानपुर मार्ग पर हुआ। यहां पर कायस्थबड्ढा निवासी 55 वर्षीय मौहम्मद वैश पुत्र शमशेर और उनके पड़ोस का ही 15 वर्षीय किशोर आसिम पुत्र नूर इस्लाम बाइक पर खेतों से घर आ रहे थे। इस्लामिया मदरसे के सामने बाइक चला रहे आसिम ने गन्ने से लदे ट्रैक्टर ट्राला को ओवरटेक करने का प्रयास किया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से वह ट्रैक्टर के अगले पहिये की चपेट में आ गया और दोनों बाइक सवार नीचे गिर गये। आसिम का सिर सड़क पर लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि पीछे बैठे वैश ट्राली के नीचे आने से गंभीर रुप से घायल हो गये। वैश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
दोनों की मृत्यु की सूचना पर मृतकों के परिवारों के साथ ही गांव में कोहराम मच गया और ग्रामीण इकट्ठा हो गये। इस बीच सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों को शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मुआवजे की मांग को लेकर भड़क गये। ग्रामीणों ने शवों को नहीं उठने दिया और हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव और सीओ किठौर चक्रपाणि त्रिपाठी कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करते हुए वार्ता की। वार्ता के बाद एसडीएम ने ग्रामीणों की मांग के अनुसार मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता के साथ वैश को किसान बीमा योजना का भी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रेलवे प्लेटफार्म पर ट्रेन के बीच आने से हुई मौत
सरधना निवासी 55 वर्षीय असलम अंसारी बुलंदशहर इज्तिमा में गये थे। वापसी में बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ के बीच चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त असलम अंसारी का पांव फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफार्म के बीच आ गये और दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद उनका शव घर लाया गया।
मोहल्ला खारीकुआ निवासी असलम अंसारी पुत्र रशीद राज मिस्त्री का काम करता था। दो दिन पूर्व वह बुलंदशहर में आयोजित इज्मिता में शामिल होने गया था। इज्तमे के समापन के बाद मंगलवार सुबह वह बुलंदशहर से घर के लिए रवाना हुआ था। वह साथियों के साथ बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा और ट्रेन में चढ़ते समय असलम अनियंत्रित होकर गिर गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे लोग उसे उपचार के लिए निकट अस्पताल लेकर पहुंचे जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। असलम की मौत की सूचना घर पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग तत्काल शव लेने के लिए बुलंदशहर रवाना हो गए। मंगलवार सांय को असलम का शव घर पहुंचा। शव देखने के लिए लोगों की भीड एकत्रित हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गमगीन माहौल में शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
गन्ने के ओवरलोड ट्रक ने बच्चों से भरी स्कूल वैन को मारी टक्कर,
- डेढ़ दर्जन बच्चों सहित चालक घायल, दो बच्चों की हालत गंभीर
खरखौदा। चीनी मिल की ओर को जा रहे ओवरलोड गन्ने के ट्रक ने सामने से आ रही स्कूल वैन में टक्कर दी। जिससे वैन में बैठे एक दर्जन से ज्यादा बच्चों के साथ वैन चालक घायल हो गया। दो बच्चों को गंभीर हालत में मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं ट्रक चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।
खरखौदा कौल मार्ग पर मंगलवार को बड़ी दुघर्टना होते होते बची। गांव गोविंदपुरी में डिसेंट चिल्ड्रन स्कूल है। जिसमें गोविंदपुर, खड़खड़ी, कौल, छतरी, बधौली सहित कई गांवों से बच्चे पढ़ने आते हैं। मंगलवार सुबह गांव खड़खड़ी निवासी वैन चालक सुरेंद्र पुत्र बालेश्वर स्कूल वैन में गांव कौल से बच्चे लेकर आ रहा था, इस वैन में करीब 20 बच्चे बैठे थे। जैसे वैन खरखौदा कौल रोड पर गोविंदपुर मोड़ पर पहुंची तो सामने से आ रहे ओवर लोड गन्ने के ट्रक ने वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन पिचक गयी और बच्चे उसमें दब गये। इस हादसे में वैन चालक सुरेंद्र सहित छात्र मोनू पुत्र पिंटू, कार्तिक पुत्र नरेंद्र, शनि, लविश, दीप, अंश, कशिश, कीर्ति, वंश, वर्षा, गुनगुन, गोलू व चेतन निवासी गण कौल सभी घायल हो गये।
उधर हादसे के बाद चालक ट्रक को मौके पर ही छोड़कर भाग गया। बाद में राहगीरों ने सभी घायल बच्चों व चालक को मशक्कत करते हुए वैन से निकाला और निजि वाहनों से सभी घायल को मुलायम सिंह मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जिसमें मोनू व कार्तिक की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेरठ के लिए रैफर कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और ट्रक को थाने लाने के साथ अस्पताल जाकर घायल बच्चों का हाल भी जाना। इस मामले में देर शाम तक थाने में कोई तहरीर नहीं आयी थी।
स्कूल प्रबंधन भी जिम्मेदार
ग्रामीण घटना को लेकर स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। क्योंकि वैन में सिर्फ 8 बच्चों को ही बैठाने की जगह है, लेकिन स्कूल संचालक खर्चा बचाने के लिए अतिरिक्त वैन की व्यवस्था करने के बजाए एक ही वैन में बच्चोें को भूसे की तरह ठूंस लेते हैं। ऐसे में ज्यादा बच्चे होने के कारण वैन चालक का नियंत्रण बिगड़ना भी हादसे का कारण हो सकता है।
डीजीपी ने लिया संज्ञान
स्कूल वैन और ट्रक की टक्कर की खबर इलेक्ट्रानिक मीडिया में चली तो मामला डीजीपी तक पहुंच गया। डीजीपी ने सीधे एसओ खरखौदा से फोन पर पूरे मामले की जानकारी ली और बच्चों का हाल जाना। इसके साथ ही डीजीपी ने ओवरलोड़ वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया।