पीवीवीएनएल के लिए वरदान साबित हो रहे जनसुविधा केंद्र
मेरठ। पीवीवीएनएल के फंसे बिजली बिलों के लिए जनसुविधा केंद्र वरदान साबित होने लगे है। उपखंड स्तर के जनसुविधा केंद्रों पर लगाए गए मेगा कैंपों के माध्यम से विभाग ने दो दिन के अंदर ही एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त कर लिया है। अब विभाग ऐसे कैंप आगे भी आयोजित करने पर विचार कर रहा है।
ग्रामीण उपभोक्ताओं की आदत हर महीने की बजाय साल में एक बार बिजली बिल जमा करने की है। ग्रामीण उपभोक्ता इसका कारण हर महीने बिजली बिल न मिलना बताते हैं। पीवीवीएनएल एमडी आशुतोष निरंजन ने उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली बिल भेजने की व्यवस्था के साथ ही जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से बिल जमा करने की सुविधा की थी। इसके बाद भी बिजली बिल जमा करने के मामले में उपभोक्ताओं का प्रदर्शन खराब चल रहा है। इसे देखते हुए एमडी ने प्रत्येक उपखंड में दो जनसुविधा केंद्रों पर मेगा शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए थे। आशुतोष निरंजन ने बताया कि शनिवार और रविवार को लगे 581 जनसुविधा केंद्रों पर मेगा कैंपों में करीब एक करोड़ रुपये राजस्व जमा हुआ। शनिवार को 355 जनसुविधा केंद्रों पर 1755 उपभोक्ताओं ने बिल जमा कराया और रविवार को 226 जनसुविधा केंद्रों पर 786 उपभोक्ताओं ने बिल जमा किया। उन्होंने ग्रामीण उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि लेट पेनाल्टी और कनेक्शन कटने से बचने के लिए ग्रामीण उपभोक्ता जनसुविधा केंद्रों पर अपना बकाया बिल जमा कर दे।
खास बातें:
- जनसुविधा केंद्रों से ग्रामीण उपभोक्ता कर सकते है बिजली बिल जमा
- मेगा कैंपों के जरिए दो दिन में एक करोड़ रुपये हुए जमा