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बैंकों की हड़ताल से 350 करोड़ का कारोबार ठप

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मेरठ। वेतन संबंधी मांगाें को लेकर बैंक कर्मी बृहस्पतिवार को भी हड़ताल पर रहे। बैंकों में ताले लगे रहे। क्लीयरिंग भी ठप रही। नेट बैंकिंग भी नहीं हुई। दो दिन की हड़ताल से करीब 350 करोड़ का बैंकिंग कारोबार ठप रहा।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन बैंक यूनियनों से जुडे़ पदाधिकारी और कर्मी कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में एकत्रित हुए। उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर में जुलूस निकाला और डीएम कार्यालय के समक्ष आरबीआई और केंद्रीय वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया। जिसमें बताया कि उनका वेतन पुनरीक्षण समझौता नवंबर 2017 में देय हो गया था। लेकिन अभी तक इसे नहीं दिया गया। इस संबंध में बैंक यूनियनों के साथ आईबीए के साथ 15 बार वार्ता हो चुकी हैं। 31 मार्च 2017 को वेतन बिल में केवल दो प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया जबकि पिछले समझौते में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। ज्ञापन में बैंकों के कारोबार और लाभ संबंधी आंकडे़ देकर सरकार से जवाब मांगा गया कि उसे कर्मियों का वेतन बढ़ाने में क्या दिक्कत हो रही है।
फिर भी घाटे का रोेना
यूनियन पदाधिकारियों ने दावा किया कि बैंक पिछले 10 वर्षों से लगातार लाभ कमा रहे हैं। 2009-10 से 2016-17 तक बैंकों का कुल लाभ 9 लाख 20 हजार 894 करोड़ रहा। जिसमें से खराब लोन आदि के 6 लाख लाख 57 हजार 88 करोड़ का प्रावधान किया गया। इसके बाद भी 2 लाख 63 हजार 806 करोड़ का मुनाफा हुआ। लेकिन इसके बाद भी सरकार घाटे का रोना रो रही है। सरकार बताए ये मुनाफा कहां गया।
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हड़ताल सफल, विचार करे सरकार
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के अध्यक्ष प्रशांत शर्मा और सिंडिकेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के जोनल सचिव कीर्ति दुग्गल के अनुसार बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल पूरी तरह सफल रही है। सरकारी बैंक के तमाम अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंकों में लेनदेन के अलावा नेट बैंकिंग भी नहीं हुई। आरटीजीएस, क्लीयरिंग भी नहीं हुई। दो दिन में करीब 350 करोड़ का चेक क्लीयरिंग और काउंटर लेनदेन ठप रहा है।
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दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे बैंक कर्मी, आरबीआई और वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी
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