दो अप्रैल के उपद्रव में मवाना में भी हुआ था मुकदमा दर्ज
मेरठ। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव में एक मुकदमा थाना मवाना में भी दर्ज किया गया। जिसमें जांच के बाद बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को समर्थकों के साथ नामजद किया गया है। जेल में बंद योगेश के खिलाफ बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वारंट बनाया गया।
यह मुकदमा मवाना थाना प्रभारी ब्रिजेश कुशवाह की तरफ से दर्ज कराया गया था, जिसमें करीब 500 लोगों को अज्ञात आरोपियों में दिखाया गया था। पुलिस ने जांच के बाद योगेश वर्मा को 19 गंभीर धाराओं में नामजद किया है। वहीं, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में हुई हिंसा, गोलीबारी, आगजनी व तोड़फोड़ के सात मामलों में पुलिस ने बसपा नेता योगेश वर्मा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। वहीं, बृहस्पतिवार को कंकरखेड़ा के पांच मामलों में विवेचनाधिकारी द्वारा एसीजेएम-10 नीरज कुमार बख्शी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किए गए। इनके अलावा नौचंदी के दो मामलों में भी एसीजेएम-प्रथम आर. लाल के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
अधिवक्ता को जेल में मिलने से रोका
जिला जेल में बंद योगेश वर्मा से उनके अधिवक्ता रविकांत भारद्वाज मिलने पहुंचे तो उनकी मिलाई को निरस्त कर दिया गया। अधिवक्ता रविकांत भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को उन्होंने जेल में मिलाई के लिए नियमों का पालन करते हुए बार एसोसिएशन के माध्यम से मिलाई का प्रार्थना पत्र भिजवाया था। जिसके बाद वह जब जेल में योगेश वर्मा से मिलने पहुंचे तो उनकी मिलाई को निरस्त कर उन्हें लौटा दिया गया।