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कर लें तैयारी, अब लू की बारी

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मेरठ। स्वास्थ्य विभाग ने लू और गर्मी से बीमारियां बढ़ने का अंदेशा जताते हुए अलर्ट जारी किया है। शासन ने वेक्टर जनित रोग और संक्रमण से रोकथाम के लिए एहतियात कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
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शासन ने सीएमओ को भेजे गए पत्र में कहा है कि गर्मियों में संक्रमित बीमारियां पैर पसार सकती हैं। जिला स्तर पर अभियान चलाकर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। हीट वेव (लू) के कारण शरीर की कार्य प्रणाली प्रभावित हो जाती है, जिससे मृत्यु भी हो सकती है। लिहाजा इससे बचाव बहुत जरूरी है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
लू से यह नुकसान संभव
पेट में मरोड़, एेंठन, शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, सिर में तेज दर्द, उबकाई आना, ज्यादा पसीना आना और कभी-कभी बेहोशी आना प्रमुख हैं।
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गर्मी में यह जरूर करें:
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
पसीना सोखने वाले पतले और हल्के रंग के कपड़े ही पहनें।
घर में बने हुए पेय पदार्थ लस्सी, नीबू-पानी का उपयोग करें।
सुबह-शाम घर के दरवाजे-खिड़कियां खोलकर रखें, ताकि कमरे ठंडे रहें।
गर्भस्थ महिलाओं, शिशुओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल करें।
धूप में खड़ी कार में बच्चों को न छोड़ें
11 से चार बजे तक धूप में निकलने से बचें
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स्किन एलर्जी के मरीजों की भरमार
गर्मी और मौसम बदलने से स्किन एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला और मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में सात दिनों में स्किन एलर्जी के एक हजार से ज्यादा मरीज पहुंचे हैं। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि जब हमारा शरीर किसी चीज को लेकर ओवर रिएक्ट करता है तो उसे एलर्जी कहते हैं। स्किन एलर्जी किसी खाने की चीज, मौसमी बदलाव, गर्मी, लू, धूल, धुएं, दवा से हो सकती है। तेज धूप में खूब पसीना निकलता है। शरीर के हिस्सों में जहां-जहां पसीना होता है, वहां-वहां स्किन रैशेज हो जाते हैं। त्वचा लाल हो जाती है। इस पर सूजन आ जाती है। जलन महसूस होने लगती है। गर्मी के मौसम में बच्चों को एलर्जी होने की आशंका ज्यादा होती है। बच्चों को धूल-धूप से बचाना चाहिए।
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