गरीबों के शपथ पत्र पर भी भ्रष्टाचार, हंगामा
मेरठ। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन के लिए भले ही सरकार शपथ पत्र पर प्रतिबंध लगा चुकी है, लेकिन सरकारी मशीनरी इस आदेश पर अमल करने को तैयार नहीं है। योजना के तहत पात्रों से जबरन शपथ पत्र लिए जा रहे हैं। साथ ही उसमें जमकर कमीशन का खेल भी चल रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को नगर निगम परिसर में पात्रों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रों को धन देने से पहले डूडा विभाग से जुड़ी संस्था ने आवेदनकर्ताओं से दो शपथ पत्र मांगे हैं। एक दस रुपये के स्टांप पेपर पर और दूसरा 100 रुपये के स्टांप पेपर पर। और खास बात यह है कि इसके लिए नगर निगम परिसर स्थित रजत कंप्यूटर को ही अधिकृत किया है। सुबह से ही इस सेंटर पर शपथ पत्र के लिए पात्रों की लाइन लग जाती है। यहां उपस्थित कमला, जयंती, कविता, सौरभ, जमालुददीन, सुरेश आदि ने सेंटर संचालक पर आरोप लगाए। कहा कि सेंटर संचालक दस रुपये के स्टांप पर शपथ पत्र के लिए 100 रुपये और 100 वाले पर शपथ पत्र के लिए 300 रुपये वसूल रहा है। इसके बाद लोग हंगामा करते हुए थाना देहली गेट पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से शिकायत की। इस पर इंस्पेक्टर विजय गुप्ता मौके पर पहुंचे और सेंटर संचालक को जमकर फटकार लगाई। इसी दौरान भाजपा नेता अजय गुप्ता भी पहुंच गए। उन्होंने कंप्यूटर सेंटर संचालक और संस्था के एक सदस्य को हड़काया।
खास बातें:
प्रतिबंध के बाद भी प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों से मांगे जा रहे शपथ पत्र
दस रुपये का शपथ पत्र 100 और 100 वाला 300 रुपये में बनाए जाने पर हंगामा