फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्रीय ईवे बिल पर टिकी जीएसटी की सफलता

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पिछले साल लागू हो गया था। लेकिन केंद्रीय ईवे बिल अभी तक लागू नहीं हो पाया है। एक फरवरी को लागू करते ही पहले दिन व्यवस्था धड़ाम हो गई और इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया। अब इसे फिर से एक अप्रैल से लागू करने की सिफारिश की जा रही है। जीएसटी की सफलता का दारोमदार भी केंद्रीय ईवे बिल पर ही टिका है।
विज्ञापन

केंद्र सरकार की मंशा ‘एक देश एक कर’ की है। जीएसटी के तहत इसे लागू किया गया। इसी तरह हर राज्य में एक सा ईवे बिल की योजना है। कुछ राज्यों में ईवे बिल है ही नहीं, लिहाजा जीएसटी की तरह हर राज्य में केंद्रीय ईवे बिल लागू करने की तैयारी है, जो अभी तक अमलीजामा नहीं पहन सकी है। वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीपी सिंह ने बताया कि केंद्रीय ईवे बिल लागू होने से व्यापारियों को राहत मिलेगी। इससे वे जिस भी राज्य में माल ले जाएंगे, वहां वहीं ईवे बिल चलेगा, जबकि अब दूसरे राज्य में दूसरे ईवे बिल की जरूरत पड़ेगी। जीएसटी और राष्ट्रीय ईवे बिल एक-दूसरे से जुड़े हैं।
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर भी जीएसटी लागू करना चाहिए, ताकि ट्रांसपोर्टरों को भी इसका फायदा मिले। तभी ईवे बिल की व्यवस्था भी सार्थक हो पाएगी। वहीं, टैक्स बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार गोयल का कहना है कि राज्य ईवे बिल लागू और सेंट्रल ईवे बिल ट्रायल के तौर पर चल रहा है। इससे भी भ्रम पैदा हो रहा है। सरकार की ईवे बिल व्यवस्था लागू नहीं हो पाई तो जीएसटी व्यवस्था को भी झटका लगेगा।
विज्ञापन

पोर्टल है बड़ी समस्या
ईवे बिल व्यवस्था लागू करने के लिए ईवे बिल कॉमन पोर्टल का सही से काम करना जरूरी है, तभी यह व्यवस्था लागू हो पाएगी। ईवे बिल के सही से काम न करने के कारण ईवे बिल न तो जनरेट हो पाता है और न ही ईवे बिल में रजिस्ट्रेशन हो पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें