बुराइयों से बचने के लिए कुरान और सीरत पर अमल जरूरी
मेरठ। मुस्लिम समाज की बुराइयों को दूर करने, कुरान और सीरत के पैगाम से मुसलमानों को रूबरू कराने के लिए शहर जमियत उलेमा की तरफ से सीरत के जलसों का आगाज रविवार को कुरान की तिलावत से हुआ।
जाकिर कॉलोनी स्थित मस्जिद नूर-ए-इब्राहीम में आयोजित सीरत उल नबी के जलसे में उलेमाकराम ने कुरान और हदीस की रोशनी में खिताब करते हुए मुसलमानों से बुराईयों से दूर रहने एवं आपसी मतभेद भुलाने की हिदायत की। उस्तादे हदीस हजरत मुफ्ती रिसालत ने कहा कि हर बुराई से बचने के लिये कुरान और हजरत मोहम्मद की सीरत पर अमल करना जरूरी है, यही कामयाबी की मंजिल भी है। कहा कि इस्लाम अमन शांति का पैगाम देता है, इसलिए हजरत मोहम्मद साहब के बताए रास्तों पर चलकर ही बुराईयों से छुटकारा मिलेगा और अच्छाई उनके दिलों में समा जाएगी।
जमियत के शहर अध्यक्ष जैनुर राशिददीन की अध्यक्षता में हुए जलसे में मुफ्ती यामीन नबी ने सीरत पर रोशनी डालते हुए कहा कि हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी दुनियां को इंसानियत का संदेश दिया और कहा एक इंसान की हत्या पूरी इंसानियत की हत्या है और एक इंसान के जान की हिफाजत पूरी इंसानियत की रक्षा करना है। यह है इस्लाम धर्म। मुफ्ती यामीन ने आह्वान किया कि नेक जिंदगी गुजारने के लिए कुरान और नबी की सीरत पर अमल करें। शहर अध्यक्ष ने बताया कि इस तरह के जलसे शहर क्षेत्र के मुस्लिम बहुल इलाकों की मस्जिदों में आयोजित होंगे। जलसे का संचालन मौलाना कारी सलमान कासमी ने किया, जिसमें क्षेत्रवासियों के साथ मौलाना शाहनवाज, मौलाना शकील, मुफ्ती शाहजहां, मुफ्ती जमीर, कारी अमीरूददीन, कारी इनायतुल रहमान, मौलाना अलीमुद्दीन ने शिरकत की।