अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
कमिश्नर ने भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अगला टारगेट नगर निगम है, क्योंकि कमिश्नर कार्यालय में सबसे अधिक शिकायत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की पहुंच रही हैं। कमिश्नर ने खुद निगम में बैठकर जन समस्याएं सुनने की बात कही। इससे निगम में हड़कंप की स्थिति है।
महानगर की 10 लाख जनसंख्या को पथ प्रकाश, पीने का पानी, सफाई, पार्क, सड़क आदि उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम का प्रमुख दायित्व है। इसकी एवज में नगर निगम जनता से हाउस टैक्स, पानी का टैक्स आदि वसूल करता है। वहीं प्रतिदिन सैकड़ाें लोग अपनी समस्या लेकर नगर निगम पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें समय पर अधिकारी दफ्तर में नहीं मिलते। इससे तंग आकर लोग अपनी समस्या लेकर कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार के पास पहुंच रहे हैं। साथ ही निगम अधिकारियों के चिट्ठे भी खोल रहे हैं। कमिश्नर नगर निगम के अधिकारियों की कार्य प्रणाली से बेहद नाराज हैं। शुक्रवार को एक बैठक के दौरान भी कमिश्नर ने नगर निगम के अधिकारियों को दो टूक कहा कि वह निगम में बैठकर जनता की समस्या सुनें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे खुद निगम में बैठकर समस्या सुनेंगे और बताएंगे कि नगर निगम कैसे चलता है। कमिश्नर की इस चेतावनी से नगर निगम अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। खासकर उन सभी विभागों में फाइलों को साफ किया जा रहा है। जो विभाग भ्रष्टाचार के मामले में प्रमुख रहे हैं। इनमें जलकल विभाग प्रमुख है। वहीं कमिश्नर ने नगर निगम के सभी घोटालों पर पहले ही जांच बैठाई हुई है। माना जा रहा है कि यदि कमिश्नर लगातार दो-तीन दिन नगर निगम में पहुंच गए तो कई अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई तय है।
खास बातें
- कई बार चेताए नगर निगम के अधिकारी, नहीं हुआ कोई सुधार
- कमिश्नर बोले, अब नगर निगम में बैठकर सुनूंगा समस्या