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मिलिट्री फार्म बंद होने से गाय की फ्रीजवाल नस्ल पर संकट

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मिलिट्री फार्म बंद होने से गाय की फ्रीजवाल नस्ल पर संकट
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
रक्षा मंत्रालय ने देश के 39 मिलिट्री फार्म को तीन माह के अंदर बंद करने का आदेश दिया है। इस आदेश का पालन से सिर्फ मिलिट्री फार्म खत्म नहीं होंगे, बल्कि मेरठ में तैयार हुई देश में सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय की फ्रीजवाल नस्ल भी खत्म हो जाएगी। केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान मेरठ ने गाय की यह खास नस्ल देशभर के मिलिट्री फार्म के लिए ईजाद की थी। विशेषज्ञों का कहना है मिलिट्री फार्म से यह नस्ल बाहर होते ही जल्द ही खत्म हो जाएगी।
मिलिट्री फार्म बंद करने का फैसला बड़े स्तर पर लिया गया है। गत 17 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में सहमति के बाद रक्षा मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक तीन माह के अंदर मिलिट्री फार्म बंद हो जाएंगे। कैंट एरिया में मिलिट्री फार्म जवानों व अफसरों को दूध मुहैया कराते हैं। सेना की आर्मी सप्लाई कोर इस काम को करती है। इन गायों का दूध 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से सप्लाई किया जाता है।
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1989 में तैयार हुई थी फ्रीजवाल नस्ल
मेरठ कैंट स्थित केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान ने 1989 में फ्रीजवाल नस्ल तैयार की थी। इसको क्रास ब्रीड के जरिये तैयार किया गया। भारत की सबसे ज्यादा दूध देने वाली गाय की साहिवाल नस्ल और हालैंड की सबसे ज्यादा दूध देने वाली हॉलस्टीन फ्रिजियन की क्रास ब्रीड से फ्रीजवाल नस्ल तैयार हुई। फ्रीजवाल नस्ल एक ब्यात में आमतौर पर चार हजार लीटर दूध देती है। यह सात से आठ हजार लीटर तक भी दूध दे सकती है।
रिसर्च सेंटर पर भी संकट
मिलिट्री फार्म बंद होने के बाद केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान पर भी संकट है। संस्थान अब तक गायों के लिए 40 लाख फ्रीजवाल नस्ल के टीके तैयार कर चुका है। 14 लाख टीके मिलिट्री फार्म और छह लाख टीके किसानों को दिए गए हैं। चार सेंटर लुधियाना, उत्तराखंड, पूना और केरल में क्रास ब्रीडिंग के चल रहे हैं। संस्थान फ्रीजवाल के अलावा 53 नस्ल की गाय के टीके किसानों को उपलब्ध कराता है। फार्म नहीं रहेंगे तो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के इस संस्थान पर भी संकट होगा।
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क्या है फार्म बंद होने की वजह
आदेश में मिलिट्री फार्म बंद करने की वजह नहीं बताई गई है। सूत्रों की माने तो फार्म में काफी जमीन का इस्तेमाल हो रहा है। तर्क यह दिया जा रहा है कि जब बाजार में दूध उपलब्ध है तो इतने संसाधन क्यों लगाए जाएं। लेकिन यह भी सच है कि बाजार में उपलब्ध दूध में मिलावट की शिकायत रहती है। देश की जरूरत के हिसाब से तैयार की गई नस्ल खत्म हो जाएगी। जानकारों का कहना है किसानों के पास मौजूद नस्ल ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगी। मिलावट होने की वजह से वह दूसरी देशी नस्ल की तरह हो जाएगी।
खास बातें
रक्षा मंत्रालय ने देश के 39 मिलिट्री फार्म तीन माह के अंदर बंद करने के दिए आदेश
फार्म में 26 हजार फ्रीजवाल नस्ल की गाय पर संकट, मेरठ फार्म में 16 हजार गायें
केंद्रीय गोवंश अनुसंधान संस्थान ने मिलिट्री फार्म के लिए ईजाद की थी यह नस्ल
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