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स्वाइन फ्लू का खौफ बिना डॉक्टर की सलाह के न लें टेमी फ्लू

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स्वाइन फ्लू के डर खुद भी टेमी फ्लू ले लेते हैं लोग

मेरठ। लगातार स्वाइन फ्लू के मरीजों की पुष्टि होने के कारण फिर से स्वाइन फ्लू का खौफ हो गया है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है कि खुद से चिकित्सक न बनें और बिना चिकित्सक का परामर्श लिए टेमी फ्लू न लें। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि कई बार लोग खुद से चिकित्सक बन जाते हैं, जो सही नहीं है क्योंकि इस दवा के फायदे के साथ-साथ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के मरीजों के अलावा उनके अटेंडेंट (परिचारक) को भी टेमी फ्लू दी हैं। इसके अलावा मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर को भी टेमी फ्लू दी गई है, लेकिन कुछ लोगों ने बिना डॉक्टरी सलाह के भी स्वास्थ्य विभाग से टेमी फ्लू मांगी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग को जानकारी करने पर पता चला कि वह न तो स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीज के सीधे संपर्क में हैं और न ही उनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इसके लिए लोगों में जागरूकता की जरूरत है, अगर लोग ज्यादा तादाद में आते हैं तो स्वास्थ्य विभाग इसके लिए कैंप लगाकर काउंसलिंग भी करेगा। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है, उनमें से अधिकांश की तबियत अब ठीक है।
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यह हो सकते हैं साइड इफेक्ट
टेमी फ्लू बिना डॉक्टरी सलाह के लेने से जी मचलाना, उल्टी, डायरिया दस्त, नाक से खून आना, सिरदर्द, एलर्जी, सांस फूलना, आंखों में लाली आना, जोड़ों में दर्द होना, चक्कर आना और नींद न आने की परेशानी हो सकती है।
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ऐसे दी जाती है टेमी फ्लू
स्वाइन फ्लू के मरीज को सुबह और शाम टेमी फ्लू की टेबलेट दी जाती है, जबकि मरीज केअटेंडेंट या संपर्क में आए अन्य लोगों को दिन में सिर्फ एक टेबलेट दी जाती है। इसके अलावा व्यक्ति के वजन का भी हिसाब रहता है। टेमी फ्लू देने से पहले डॉक्टर उनकी काउंसलिंग करते हैं और फिर तय करते हैं किसे कौन सी टेमी फ्लू देनी है।
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