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किसान यात्रा: पुराने ट्रैक्टर सवार हैं किसान-MUZAFFARNAGAR

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किसान यात्रा: पुराने ट्रैक्टरों से दिल्ली की तरफ बढ़ रहे किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। किसान क्रांति पदयात्रा में हजारों भाकियू कार्यकर्ता और किसान शामिल हैं। वहीं उनमें सबसे ज्यादा उबाल दस साल पुराने ट्रैक्टरों को लेकर है। किसानों ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से किसान क्रांति पद यात्रा पर हैं। दिल्ली की तरफ पुराने ट्रैक्टरों को लेकर जा रहे हैं। केंद्र सरकार उनकी परीक्षा न लें। भाकियू की ताकत को सरकार जानती है। पुराने ट्रैक्टरों के लिए वह अपनी जान भी दे सकते हैं।
एनजीटी ने एनसीआर में दस साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक संबंधी आदेश जारी किया था। इसमें किसानों के ट्रैक्टर भी शामिल हैं। किसान क्रांति पदयात्रा में किसान और भाकियू कार्यकर्ता सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर ट्राली लेकर चल रहे हैं। इनमें अधिकांश ट्रैक्टर दस साल से अधिक पुराने हैं। बुढ़ाना निवासी किसान रामपाल सिंह ने कहा कि फोर्ड ट्रैक्टर बेट्टा पैदा होने पर खरीदा था। इससे इतना लगाव है कि 1988 से घर का आदमी जैसा है। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर पर रोक लगाना सही नहीं है। सरकार पुराने ट्रैक्टरों से आदेश हटा ले, नहीं तो हम इसके लिए अपनी जान भी दे देंगे। पुराने ट्रैक्टरों को लेकर ही दिल्ली की तरफ चल रहे हैं। सरकार पुराने ट्रैक्टरों को रोककर दिखाए। पुलिस और सरकार हमसे पुराने ट्रैक्टर लेकर दिखाए, हम सरकार से नया ट्रैक्टर न लें ले तो हम खुद को भाकियू कार्यकर्ता कहना छोड़ देंगे।
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कहां जाएंगे लाखों ट्रैक्टर
एनसीआर में हरियाणा के कई जिले शामिल हैं। मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, शामली, मुजफ्फरनगर के करीब एक लाख से अधिक ट्रैक्टर दस साल से अधिक पुराने हैं। अकेले मेरठ में ही करीब 13 हजार ट्रैक्टर हैं। भाकियू नेता चंद्रपाल सिंह फौजी का कहना है कि एनसीआर में एक लाख से अधिक ट्रैक्टर पुराने हैं, जिनके पास नए ट्रैक्टर हैं उनमें ऐसे भी किसान हैं जिन्होंने पुराने ट्रैक्टरों को नहीं बेचा।
महत्वपूर्ण
दस साल से ज्यादा पुराने ट्रैक्टरों पर एनजीटी ने एनसीआर में दिया था रोक का आदेश
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