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व्यवस्था प्रशासन के हाथों में फिर भी पराग दुग्ध संघ कर्जदार

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पराग दुग्ध संघ हो रहा कर्जदार
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मेरठ। पराग दुग्घ संघ गगोल का बोर्ड भंग हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है। सभी प्राइमरी समितियों के चुनाव भी नवंबर 2017 में हो चुके हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने पराग दुग्ध संघ गगोल के चुनाव नहीं कराए हैं। जबकि पराग डेयरी कर्ज में डूब रही है। ढाई माह से दुग्ध उत्पादकों को पेमेंट नहीं मिला है। दुग्ध उत्पादकों की मानें तो कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत भेजी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पूर्व डायरेक्टर पराग दुग्ध संघ गगोल को छह सात करोड़ के घाटे में चलने की बात कर रहे हैं।

अन्य दुग्ध संघों के हो गए चुनाव
पूर्व डायरेक्टर डॉ. योगेश प्रधान का कहना है कि पश्चिम उप्र के दुग्ध संघों की बात करें तो मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर के चुनाव हो चुके हैं। बोर्ड गठित होने से वहां दुग्ध संघों की स्थिति अब बेहतर बताई जा रही है। फरवरी तक दुग्ध संघ गगोल का चुनाव हो जाना चाहिए था।
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शासन ने कमिश्नर के हाथों में सौंपी कमान
पराग दुग्ध संघ गगोल की स्थिति सुधारने के लिए दुग्ध आयुक्त एवं निबंधक दुग्ध सहकारी समितियां उप्र ने पांच सदस्यीय अंतरिम प्रबंध कमेटी नियुक्त कर दी है। इसमें कमिश्नर को सभापति और डीएम को उप सभापति बनाया गया है। दुग्ध आयुक्त ने प्रबंधक कमेटी से कहा है कि छह माह के भीतर गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि. के चुनाव कराए जाएं।
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ढाई माह से नहीं हुआ भुगतान
पराग दुग्ध संघ गगोल के पूर्व चेयरमैन मास्टर विपत सिंह का कहना है कि पराग प्लांट कर्जदार हो रहा है। बोर्ड भंग होने के बाद संघ की स्थिति खराब हुई है। दुग्ध उत्पादकों का भुगतान पिछले ढाई माह से नहीं हो रहा है। सरकार को चाहिए शीघ्र चुनाव कराए। ताकि बोर्ड व्यवस्था को दुरुस्त कर सके। हमने कमिश्नर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर अपना विरोध जताया है। लेकिन शासन और प्रशासन में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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