कारोबारी की मौत में सौतेले पिता, भाइयों पर मुकदमा
तिरुपति प्लाजा में बृहस्पतिवार रात लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर की थी आत्महत्या
मृतक की पत्नी ने लालकुर्ती थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
बच्चा पार्क स्थित तिरुपति प्लाजा में स्पोर्ट्स कारोबारी रजनीश सखूजा (40) की आत्महत्या मामले में प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया है। मृतक की पत्नी रितू सखूजा ने लालकुर्ती थाने में रजनीश के सौतेले पिता और दो सौतेले भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के दालमंडी निवासी रजनीश सखूजा (40) पुत्र अशोक सखूजा का तिरुपति प्लाजा में तीसरी मंजिल पर ऑफिस है। सूरजकुंड में ग्लोबल ओरा स्पोर्ट्स प्राईवेट लिमिटेड के नाम से शोरूम है। वहीं परतापुर में स्पोर्ट्स फैक्ट्री है। बृहस्पतिवार रात को रजनीश ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। एसओ लालकुर्ती देवेश शर्मा ने बताया कि मृतक की पत्नी रितू सखूजा की तहरीर पर रजनीश के सौतेले पिता अशोक सखूजा और रजनीश के दो सौतेले भाई राजीव व संजीव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ का कहना है कि जांच के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।
यह मामला बताया:
मृतक की पत्नी ने दी तहरीर में आरोप लगाया कि उसके पति रजनीश का सौतेले पिता और भाइयों से प्रॉपर्टी का विवाद चल रहा था। उन्होंने उन लोगों से कई बार बैठकर बात करनी चाही। लेकिन वह लोग इस पर राजी नहीं हुए। उन लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर पति ने आत्महत्या कर ली।
ऊपरी मंजिल पर रहते हैं पिता व भाई
एसओ लालकुर्ती ने बताया कि रजनीश के लैपटाप से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला। जो कि उसने अपने दोस्त विशाल घई को मेल किया था। उसमें लिखा था कि एक बात ध्यान रखना मेरे जनाजे के बाद ऊपर वाले श्मशान घाट भी न आएं। वो आए तो मेरी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में ऊपर वालों का मतलब सौतेले पिता और भाई से है।
अपने पिता से अकेले थे रजनीश
एसओ लालकुर्ती के अनुसार रजनीश अपने पिता के अकेले पुत्र थे। पिता की मौत के बाद मां ने दूसरी शादी अशोक से की। उनके तीन सौतेले भाई हैं। एक सौतेला भाई दुबई में रहता है। जबकि दो सौतेले भाई और पिता दाल मंडी स्थिर घर की दूसरी व तीसरी मंजिल पर रहते हैं। एसओ ने बताया कि यह मकान अशोक सखूजा के नाम है। मकान को लेकर कई बाद विवाद हुआ था। मकान के ऊपर के टॉयलेट का गंदा पानी आता था। इसका रजनीश ने विरोध किया था। रजनीश ने 50 हजार रुपये खर्च कर टायलेट सही कराया। लेकिन फिर भी समस्या बनी रही। एसओ ने बताया कि सूरजकुंड और बच्चा पार्क ऑफिस की बिल्डिंग रजनीश की है। जबकि फैक्ट्री नोएडा निवासी विशाल घई की पार्टनरशिप में है। पत्नी रितु ने पुलिस को बताया कि सौतेले भाइयों ने बेगमबाग का भी मकान कब्जा लिया।
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सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार:
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को स्पोर्ट्स कारोबारी का शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बेटी और बेटा शव से लिपटकर रोते रहे। बाद में शव का सूरजकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।