एमडीए ने की ड्रीम सिटी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
पार्क की 200 वर्ग मीटर जमीन पर किया था कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
कंकरखेड़ा।
एमडीए की टीम ने शुक्रवार को सरधना रोड स्थित ड्रीम सिटी कालोनी में अवैध रूप से बनाए गए एक बिल्डर के ऑफिस और आवास को तोड़ दिया। एमडीएम पिछले दो साल से लगातार बिल्डर को नोटिस देकर चेतावनी दे रहा है था। इसके बावजूद उसने निर्माण को एमडीए से स्वीकृत नहीं कराया था।
एमडीए के जोनल अधिकारी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में एमडीए टीम शुक्रवार को सरधना रोड स्थित ड्रीम सिटी कालोनी पहुंची। यहां कालोनी के पार्क की करीब 200 वर्ग मीटर जमीन पर बिल्डर पंकज चौधरी ने कब्जा कर ऑफिस व आवास बना रखा था। पिछले दो साल से जमीन पर विवाद चल रहा था। एमडीए ने बिल्डर को नोटिस देकर सीलिंग की कार्रवाई भी की। लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ। जेई महादेव शरण ने बताया कि बिल्डर के ऑफिस व आवास को तोड़कर पार्क की जमीन को कब्जा मुक्त करा दिया गया है।
ध्वस्तीकरण के दावे खोखले
एमडीए भले ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दावा कर रहा हो, लेकिन यह दावे खोखले हैं। शुक्रवार को सरधना रोड ड्रीम सिटी में जहां पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उससे मात्र 50 कदम दूर क्षेत्र के बिल्डरों ने अवैध रूप से कई सौ गज जमीन पर कांप्लेक्स तैयार कर दिया। एमडीए उस पर सीलिंग व नोटिस देने के दावे करता है। इसके बावजूद एक बिल्डिंग खड़ी हो गई। करनाल हाइवे पर बनी बिल्डिंग को एमडीए के अधिकारी अनदेखा करके निकल जाते हैं। मामले में जेई महादेव शरण का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।