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चौकी में 20 हजार की रिश्वत लेती रंगे हाथ पकड़ी गई महिला दरोगा

Wed, 14 Jun 2017 02:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 दहेज उत्पीड़न के मुकदमे से संगीन धाराएं हटाने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेती महिला दरोगा को एंटी करप्शन यूनिट ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मुकदमे के आरोपी की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। वहीं, एसएसपी ने महिला दरोगा को सस्पेंड करते हुए विभागीय जांच बैठा दी है।
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एंटी करप्शन मेरठ यूनिट के इंस्पेक्टर रणवीर सिंह खोखर ने बताया कि सीकरी रोड मोदीनगर निवासी समीर ने सोमवार को उनके कार्यालय पर शिकायत दर्ज करते हुए बताया कि उसकी पत्नी ने अप्रैल माह मेें उसके और परिजनों के खिलाफ कोतवाली थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें दुष्कर्म, कुकर्म सहित कई गंभीर धाराएं भी लगाई गई थी। केस की विवेचना कोतवाली थाने की दारोगा अमृता सिंह कर रही है। 
आरोप है कि इस मुकदमे में झूठे आरोप लगाए गए थे। लेकिन विवेचक महिला दरोगा केस से दुष्कर्म और कुकर्म की धारा हटाने की एवज में एक लाख रुपये की मांग कर रही थी। महिला दरोगा ने 11 जून को उसे फोन किया और जेल भेजने की धमकी देते हुए मंगलवार को कोतवाली थाने की बुढ़ाना पुलिस चौकी पर बुलाया था। समीर की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने महिला दारोगा की गोपनीय जांच कराई। 
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मंगलवार सुबह इंस्पेक्टर रणवीर सिंह खोखर ने जिलाधिकारी से मिलकर बतौर सरकारी गवाह दो सरकारी अधिकारियों की मांग की। जिसके बाद समीर को 20 हजार रुपये लेकर उनके नंबर नोट कर विशेष पाउडर लगाकर बुढ़ाना गेट चौकी पर भेजा। पीछे-पीछे पूरी टीम भी चौकी के आसपास पहुंच गई। जैसे ही चौकी के अंदर समीर ने दारोगा को 20 हजार रुपये दिए, टीम ने दरोगा को रिश्वत लेते पकड़ लिया। जिसके बाद इंस्पेक्टर रणवीर सिंह खोखर की तरफ से महिला दरोगा के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उधर, एसएसपी जे. रविंद्र गौड़ ने महिला दारोगा को निलंबित कर दिया है। वहीं, आरोपी महिला दरोगा का कहना है कि उसे गलत फंसाया गया है। जबरन रुपये उसे दे दिए गए। उसने रिश्वत नहीं ली। 

11 को कॉल, 12 को शिकायत, 13 को ट्रैपिंग  
महिला दरोगा अमृता सिंह ने 11 जून को केस के आरोपी को कॉल की। 12 जून को उसकी शिकायत एंटी करप्शन यूनिट पहुंची और 13 जून मंगलवार को दरोगा को ट्रैप कर लिया गया। मंगलवार सुबह 8:45 बजे से शुरू हुई कार्रवाई शाम साढे़ चार बजे तक चली। 
ऐसे चली कार्रवाई
सोमवार को मुकदमे के आरोपी समीर ने एंटी करप्शन यूनिट के कार्यालय पर महिला दरोगा द्वारा रिश्वत मांगने के आरोप की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद एंटी करप्शन यूनिट ने अपने लखनऊ मुख्यालय से ट्रैप करने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद एंटी करप्शन यूनिट के प्रभारी इंस्पेक्टर रणवीर सिंह खोखर मंगलवार सुबह 8:45 बजे डीएम आफिस पहुंचे। डीएम ने सरकारी गवाह के तौर पर अपने कार्यालय के प्रधान सहायक राकेश भटनागर और सुरेश चंद्र शर्मा को नामित किया। जिसके बाद समीर को केमिकल लगे नोटों के साथ बुढ़ाना गेट चौकी भेजा जबकि पीछे-पीछे एंटी करप्शन की टीम और सरकारी गवाह पहुंचे।  
महिला सिपाही बनीं रिश्तेदार
महिला दरोगा से बात करने के लिए समीर के साथ एंटी करप्शन की महिला सिपाही शारदा समीर की रिश्तेदार बनकर पहुंची जबकि दूसरी सिपाही राखी चौकी के गेट पर खड़ी रही। 
सिपाही को भेजा पानी लाने
समीर और महिला सिपाही जब चौकी में पहुंचे तो महिला दरोगा ने वहां मौजूद सिपाही को पानी पिलाने को कहा। जैसे ही सिपाही वहां से निकला, तो दरोगा ने समीर से रुपये पकड़ लिए। तभी महिला सिपाही शारदा ने दरोगा का हाथ पकड़ लिया और चौकी में पहुंची टीम ने दरोगा को गिरफ्तार कर लिया। यह ट्रैपिंग कार्रवाई सुबह 11:30 बजे हुई। जबकि कोतवाली में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शाम 4:30 बजे तक हुई।
चौकी के बाहर लगी भीड़
शोर शराबा होने पर चौकी के आसपास लोगों की भीड़ लग गई। कुछ देर तक लोग समझ नहीं सके कि क्या माजरा है। बाद में उन्हें असलियत पता चली तो वे भी हैरान रह गए । 
पहले भी चर्चाओं में रही 
महिला दरोगा अमृता सिंह कंकरखेड़ा थाने में तैनाती के दौरान एक महिला से अभद्रता के मामले में चर्चा में रही। महिला थाने में भी ये तैनात रही है। इसके बाद कुछ महीने पहले ही अमृता को कोतवाली थाने में भेजा गया था। एसओ कोतवाली के अनुसार अमृता मृतक आश्रित कोटे से दरोगा पद पर भर्ती हुई थी। 
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