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शहर के 20 हजार व्यापारियों को चेतावनी, पंजीकरण कराने के लिए पांच जनवरी तक का समय

Tue, 03 Jan 2017 04:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों की संख्या करीब 12 फीसदी पर ही अटकी है। ऐसे में व्यापार कर विभाग ने व्यापारियों को आगाह किया है कि अगर पांच जनवरी तक टिन नंबर से माइग्रेट होकर जीएसटीएन (गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क) पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया, तो वे वैध कारोबार करने लायक नहीं रह पाएंगे। ऐसे व्यापारियों की संख्या मेरठ जोन में करीब 20 हजार है।  
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जीएसटी 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। जिसको देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को 31 दिसंबर तक पंजीकरण कराने का समय दिया गया था। जिसके लिए विशेष तौर पर यूपी के व्यापारियों के लिए पोर्टल खोला गया। लेकिन 30 दिसंबर 2016 तक महज 51 हजार व्यापारियों ने जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण कराया। ऐसे में केंद्र तरफ ने उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को 5 जनवरी तक का अतिरिक्त समय दिया है। पंजीकरण कराने की अंतिम समय सीमा पूरी होने के बाद सरकार की तरफ से यह अहम फैसला लिया जा सकता है।

नहीं दिखता स्थिति में सुधार होता
तमाम कवायद के बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार होता नहीं दिख रहा है। अभी तक करीब 53 हजार व्यापारी पोर्टल पर पंजीकरण करा पाए हैं। जबकि प्रदेश भर में करीब सवा सात लाख व्यापारी पंजीकृत हैं। मेरठ जोन में भी करीब 22500 व्यापारियों के पास टिन नंबर है। लेकिन उनमें से 12 फीसदी यानी करीब ढाई हजार से कुछ अधिक ने ही अभी तक अपना पंजीकरण कराया है।
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लग सकती है रोक
विभागीय सूत्रों का कहना है कि पंजीकरण की सुस्त गति को देखते हुए विभाग आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) पर रोक लगाने पर विचार कर रहा है। ऐसे में जीएसटीएन पर पंजीकरण न करा पाने वाले व्यापारियों को भविष्य में आईटीसी का लाभ नहीं दिया जाएगा, जो एक सीमा तक कारोबार करने के बाद व्यापारी को दिया जाता है।

यूजर आईडी व पासवर्ड बनाना जरूरी  
जीएसटीएन पर पंजीकरण 5 जनवरी के बाद भी कराया जा सकता है। लेकिन उससे पहले पोर्टल पर यूजर आईडी व पासवर्ड बनाना जरूरी है। जीएसटी के नोडल ऑफिसर डीएस गौतम का कहना है कि अगर व्यापारी पंजीकरण अभी नहीं भी करते हैं, तो उसे बाद में करा सकते हैं। लेकिन पोर्टल पर यूजर आईडी व पासवर्ड बनाना जरूरी है। क्योंकि अभी तक पंजीकृत व्यापारियों को ई-मेल व एसएमएस के माध्यम से वाणिज्य कर विभाग प्रोविजनली यूजर आईडी व पासवर्ड भेज रहा है। जिससे व्यापारी को जीएसटीएन पोर्टल पर जाकर अपना स्थायी आईडी व पासवर्ड बनाना हैं। अगर व्यापारी अभी उसे बना लेते हैं तो पंजीकरण 5 जनवरी के बाद भी किया जा सकता है।

विभाग चला रहा अभियान
वाणिज्य कर विभाग काफी समय से इस अभियान में जुटा है। व्यापारियों के बीच संगोष्ठी कर जीएसटीएन के बारे में जानकारी दी जा रही है। ऐसे व्यापारी जिनका टिन नंबर के साथ वैलिड फोन नंबर व ई मेल आईडी लगी है, उन सभी को मेल और एसएमएस के माध्यम से प्राइमरी यूजर आईडी व पासवर्ड भेजा जा रहा है। लेकिन कुछ व्यापारी उसे सरकारी प्रचार से जुड़ा कोई मेसेज समझ लेते हैं। ऐसे व्यापारियों के लिए विभाग ने छूट दी है कि वो खंड के अधिकारी से संपर्क कर दोबारा से यूजर आईडी व पासवर्ड हासिल कर सकते हैं।  

तीन दिन की चुनौती
विभाग 5 जनवरी तक की समय सीमा को देखते हुए आगामी तीन दिनों में व्यापारियों से संपर्क कर पंजीकरण कराने पर जोर देगा। क्योंकि आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह अभी कुछ फाइनल नहीं है। लेकिन इतना तय है कि किसी भी व्यापारी के लिए आगे पंजीकरण कराना आसान नहीं होगा। खासकर टिन नंबर निरस्त तक किया जा सकता है। जिसके बाद जीएसटीएन पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए पहले टिन नंबर हासिल करना होगा।
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