मेरठ। वेस्ट यूपी के जिलों में गांजा सप्लाई किया जा रहा है। शनिवार को एसटीएफ मेरठ यूनिट की टीम ने सरूरपुर से अंतर्राज्यीय गैंग के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 2.25 क्विंटल गांजा बरामद किया गया है। बाजार में इसकी कीमत करीब पचास लाख रुपये बताई गई है।
सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह एसटीएफ को सूचना मिली कि ट्रक में बोरों में छिपाकर गांजा लाया जा रहा है। जिसके बाद एसटीएफ ने सरूरपुर के पास भूनी चौराहे से पुलिस की मदद से ट्रक को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी आबिद और नदीम अंसारी निवासी संजय नगर कस्बा बनत मुजफ्फरनगर हैं। दोनों के पास से गांजे के सात बोरे, एक ट्रक और एक मोबाइल बरामद किया है। नदीम ने पूछताछ में बताया कि वह ओडिशा से गांजे की तस्करी करते हैं। मेरठ, शामली, बुलंदशहर, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व अन्य जिलों में गांजा ऑन डिमांड सप्लाई किया जाता है।
कैराना का कलीम मंगाता है गांजा
सीओ बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों ने बताया कि कैराना के कलीम ने कहा था कि ओडिशा से गांजा आना है। जिसके बाद वह ट्रक में बागपत से आम लेकर चले गए। आम उन्होंने ओडिशा में मंडी में उतार दिए। जिससे चेकिंग में कही पुलिस को शक न हो और बता दें कि वह आम सप्लाई करते हैं। ओडिशा में बड़े-बडे गोदाम हैं, वहां से एक युवक ने गांजे के बोरे रखे। जिसके बाद कलीम ने कहा कि रास्ते में मोबाइल फोन बंद कर लेना। कलीम ओडिशा से 10-12 हजार रुपये किलो के हिसाब से गांजा खरीदता है और वेस्ट यूपी में 22-23 हजार रुपये किलो के हिसाब से बेचा जाता है। पिछले दो साल से अलग-अलग जिलों में गांजा लाकर सप्लाई किया जा रहा था। दो माह में एक ही चक्कर लगाया जाता था।
दिल्ली की टीम भी पहुंची
गांजा बरामद होने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम भी पहुंची। जांच के बाद सरूरपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एसटीएफ सीओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि गांजा सबसे अधिक सिगरेट में भरकर यह जहर घोला जा रहा है।
क्या है गांजा
पुलिस का कहना है गांजा एक मादक पदार्थ है। भांग के पौधे की पत्तियां तो भांग है। यदि भांग की पौधे के फूल हैं तो वह गांजा है। आबकारी अधिनियम में भांग आती है, जिसका सरकार द्वारा लाइसेंस दिया जाता है। गांजा एनडीपीएस एक्ट में आता है, यह प्रतिबंधित है।