1990 प्रवासी मजदूर, सिर्फ 29 को मिला काम
मेरठ। प्रवासी श्रमिकों को उनके गांव में ही रोजी-रोटी के लिए काम दिलाने का सपना दिखाया गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में आए 1990 प्रवासी श्रमिकों में से केवल 29 को काम मिला है। वहीं, अभी तक काम न मिलने के कारण लोकपाल के पास 300 शिकायतें पहुंच गई हैं।
मनरेगा कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए सरकार की ओर से मेरठ मंडल में अंशु त्यागी को लोकपाल नियुक्त किया गया है। उन्होंने मजदूरों के हित को देखते हुए व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। उनके नंबर 9027731803 पर मजदूर अपनी समस्या बता सकते हैं। वह उनकी समस्या का निस्तारण कर उनके गांव में ही मनरेगा के तहत कार्य दिलाने के लिए अधिकारियों से वार्ता करेंगी।
लोकपाल से की काम दिलाने की मांग
लोकपाल के पास पिछले एक सप्ताह में काम न मिलने की सैकड़ों शिकायत पहुंच गई हैं। मेरठ ब्लॉक के बहादरपुर गांव के लोगों ने सूची भेजकर काम दिलाने की मांग की है। इसमें अधिकतर श्रमिक नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा आदि इलाके से आए हैं। जो अब अपना कार्य गांव में ही करना चाहते हैं। ऐसे श्रमिकों के लिए ही केंद्र सरकार ने मनरेगा को अतिरिक्त बजट दिया है। जिससे श्रमिकों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
ये है आंकड़ा
321 - ग्राम पंचायतों में प्रवासी मजदूर पहुंच चुके हैं।
1990 - अभी तक प्रवासी मजदूर आ चुके हैं।
189 - ग्राम पंचायतों में मनरेगा के कार्य चल रहे हैं।
161 - ग्राम पंचायतों में अभी कार्य नहीं चल रहा है।
45 - प्रवासी मजदूरों के अभी तक जॉब कार्ड बने।
29 - प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के कार्य में नियोजित किया गया।