गन्ना सर्वेक्षण और सहफसली खेती का लिया जायजा
संयुक्त गन्ना आयुक्त ने गन्ना सर्र्वे में सभी दिशा निर्देशों का पालन करने के दिए निर्देश
मेरठ। मेरठ परिक्षेत्र के नोडल एवं संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह ने बुधवार को पेराई सत्र 2019-20 के गन्ना सर्वेक्षण की समीक्षा की। इसके साथ ही कई गांवों में घूमकर गन्ने के साथ हो रही सहफसली खेती और टपक सिंचाई प्रणाली का जायजा लिया। डॉ. सिंह ने शत प्रतिशत गन्ना सर्वे जीपीएस से कराने और किसानों से घोषणापत्र भरवाने के साथ तहसील से जारी जमीन की खतौनी लेने के निर्देश दिए।
संयुक्त गन्ना आयुक्त ने कहा कि किसानों को घोषणापत्र के साथ पहचान के लिए आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र देना होगा। जो किसान दिशा निर्देशों का पालन नहीं करेंगे वे गन्ना आपूर्ति के पात्र नहीं होंगे। उन्होंने सभी किसानों को सर्वे के दौरान ही उनके खेतों की माप पर्ची मुहैया कराने को कहा। समीक्षा बैठक के बाद वह क्षेत्र का सर्वे करने के लिए निकले। सबसे पहले गांव शोल्दा में गन्ने के साथ फूल, तरबूज, प्याज, खीरा आदि की सहफसली खेती से दोहरा लाभ ले रहे किसानों से बात की।
किसानों द्वारा सहफसली खेती से फायदा बताए जाने पर उन्होंने सभी किसानों से सहफसली खेती कर आय बढ़ाने का आह्वान किया। इसके बाद टपक सिंचाई प्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से किसान कम पानी से ही ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र हरपाल सिंह ने बताया कि मंडल की 16 मिलों में से 10 मिलें पेराई सत्र संपन्न कर चुकी हैं। केवल 6 मिलें ही इस समय चल रही हैं। गन्ना सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो चुका है। 30 जून तक गन्ना सर्वे कर 6 से 31 जुलाई तक ग्रामवार सर्वेक्षण सूची का प्रदर्शन कर दिया जाएगा।