एसडीएम ने चार दिन पूर्व किया था गोशाला का निरीक्षण, इसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो सका
अमर उजाला ब्यूरो
सरूरपुर। रोहटा ब्लॉक के गांव उकसिया स्थित गोशाला पर असुविधा और प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ रही है। इसके चलते गोवंश की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। भूख और प्यास के चलते रविवार रात में चार गायों की मौत हो गई। वहीं, जंगली जानवरों ने उन्हें नोंच डाला। साढ़े तीन माह पहले तैयार हुई सरकारी गोशाला में भूख प्यास से अब तक चालीस से अधिक गोवंश की मौत हो चुकी है। हालांकि चार दिन पहले ही एसडीएम सदर ने दौराकर शीघ्र आर्थिक सहायता एवं सुविधा मुहैया कराने का आश्वासन दिया था।
उकसिया गांव स्थित गोशाला में प्रशासन की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सभी गोवंश दिनभर तेज धूप में रहते हैं। गौतलब है कि उकसिया के जंगल में प्रशासन की तरफ से जनवरी में गोशाला की व्यवस्था की गई थी। इस गोशाला में दो सौ से अधिक गोवंश हैं। ये भूख और प्यास से तड़प रहे हैं। वहीं, रविवार रात फिर गोशाला में चार गोवंशों की मौत हो गई है। उन्हें अल सुबह जंगली जानवरों ने नोंच डाला। बताया कि मृत गोवंशों का उठाने की भी व्यवस्था नहीं है। यहां पर पहले हो चुकी मवेशियों की मौत के बाद चार दिन पहले एसडीएम मेरठ सदर कमलेश कुमार एवं बीडीओ सुधा आर्य ने गोशाला पहुंचकर निरीक्षण किया था। इस दौरान पाया था कि मैदान में केवल एक छोटा से पेड़ है जिस कारण गोवंश पूरे दिन तेज धूप में रहते हैं। मौके पर ग्रामीणों ने बताया था कि मरे हुए गोवंश को उठाने का भी प्रबंध नहीं है। ग्रामीणों ने तो यहां तक कहा था कि प्रशासन की इस लापरवाही के कारण मवेशियों की मौत हो रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि सूखा चारा भी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता है। गोशाला में पड़ोस के एक किसान की नलकूप से पानी लिया जा रहा था। अब मोटर खराब हो जाने के कारण पानी का संकट गहरा रहा है। इस दौरान एसडीएम कमलेश कुमार के निरीक्षण के तीन दिन बीतने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। गोवंश भूख-प्यास से दम तोड़ रहे हैं। वहीं, बीती रात चार और गायों ने दम तोड़ दिया है। जिससे प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही एक बार फिर सामने आ गई है। बीडीओ सुधा आर्य का कहना है कि गोशाला में असुविधा को लेकर प्रशासन गंभीर है। अव्यवस्था को खत्म करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मारपीट कर घायल किया
सरधना। ग्राम कालंदी में मोहित पुत्र जीत के कूडे़ के ढेर पर रविवार दोपहर कुछ लोगों ने ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इसका मोहित ने विरोध किया। इस पर ग्राम प्रधान राजकुमार, रणवीर, पवन, अमित, मल्लू, हरवीर, दीपक, विनय और रवि ने उस पर लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इतना ही नहीं तमंचे से फायर भी किया। पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है। वहीं, उसने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है।