पुलिस के लिए चुनौती, बद्दो की तलाश
बीत चुके हैं 36 घंटे, तलाश में लगी हैं 11 पुलिस टीमें
मेरठ। बदन सिंह बद्दो को तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना है। 36 घंटे बीत चुके हैं, पुलिस की 11 टीमें उसको ढूंढ रही हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। पुलिस का दावा कि बद्दो और उसके साथियों ने मोबाइल से दूरी बना रखी है। बद्दो बुधवार से सपा कार्यकर्ता एहतेशाम इलाही का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। एहतेशाम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। उसका मोबाइल भी बरामद किया था। मोबाइल से पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे बद्दो की प्लानिंग का पता चल सके। दूसरी ओर वह सभी पीड़ित परिवार डरे हुए हैं, जिनको बद्दो से जान का खतरा है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना कि पुलिस की 11 टीमें बद्दो की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।
पुलिस का खेल, आरोपियों को मिली बेल
कुख्यात बद्दो के फरार होने के मामले में मेरठ पुलिस ने खेल किया। इसके चलते भगाने वाले पुलिसकर्मियों को बेल मिल गई। सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि बद्दो को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा होने वाले मुल्जिम को भगाने के मामले में पुलिस ने जमानत मिलने वाली धारा (221, 224, 120 बी) लगाई है। जबकि इस मामले में पुलिस को धारा 216 और 222 लगानी चाहिए थी, जो कि गैर जमानती है। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों की जमानत हुई है। बता दें कि पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी जवाहर लाल उर्फ पिंकू, एहतेशाम इलाही और शिशुपाल की जमानत अर्जी सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार ने लगाई। कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। दो-दो जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया। आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर पाया, जिसके बाद वह रिहा हुआ। अन्य आठ आरोपियों को जमानती न मिलने के चलते कोर्ट ने जेल भेजा।