अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। मोहल्ला बूढ़ा बाबा में डॉ. फुरकान सरधनवी के आवास पर एक शाम शहीदों के नाम शीर्षक से एक शेर ए नशिस्त का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बज्म के अध्यक्ष अब्दुल सलाम फरीदी ने की व संचालन डॉ. फुरकान सरधनवी ने किया। इस मौके पर मशहूर शायर जिया बागपती ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। नशिस्त की शुरुआत इरशाद अली मुज़्तर ने नात ए पाक से की।
शायरों ने इस मौके पर कलाम पेश किये। जिसमें शफीक अहमद शफीक ने कहा कि मैं कुछ करके दिखना चाहता हूं, वतन पर जां लुटाना चाहता हूं। चांद अहमद चांद ने कहा कि भूखे बच्चे तड़प रहे हैं, अब कैसा भारत बनाओगे बाबा। अब्दुल सलाम फरीदी ने कहा कि जंग के सारे मराहिल पे नजर रखते हैं, हम हथेली पे सजाये हुए सर रखते हैं। याकूब मोहसिन ने कहा कि वतन की आबरू कायम उन्हीं के दम पर हैं, शहीद होके वतन पर जो नाम करते हैं। जैद सरधनवी ने कहा कि है मेरे देश की सरकार खुदा खैर करे, जुमले बाजों की है सरकार खुदा खैर करे। इस मौके पर डॉ. फुरकान सरधनवी ने कहा कि सरों को अपने कटाते हैं, जो वन के लिए अहम उन शहीदों को झुककर सलाम करते हैं। नशिस्त रविवार की रात्रि नौ बजे शुरू हुई और रात्रि करीब डेढ़ बजे तक चली। इस मौके पर मतलूब खान, जिशान कुरैशी, मिर्जा मोहम्मद, मोहम्मद हारूण, इस्तेखार राणा, फिरोज खान, शाहवेज, सलीम, शादाब आदि मौजूद रहे।