कृषि विवि में नए सत्र मेें शुरू होंगे चार नए कोर्स
मोदीपुरम। वेस्ट यूपी में गन्ने में वैल्यू एडशिन और उसका स्वाद सुधारने के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में छात्र रिसर्च करेंगे। इसके लिए नए सत्र में नया कोर्स शुरू हो रहा है। विवि प्रशासन ने भी इसकी तैयारी कर ली है। इसके अलावा विवि में 3 और नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। जुलाई से विवि में यह कोर्स शुरू हो सकते हैं।
विवि में शुरू होने वाले इन नए कोर्सों में बीटेक फूड टेक्नोलॉजी, बीटेक एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, बीटेक शुगर कैन एंड टेक्नोलॉजी, बीएससी हॉटीकल्चर कोर्स शामिल हैं। विवि प्रशासन ने विवि की विद्वत परिषद और प्रबंध समिति से भी इन कोर्सों को चलाने के लिए मंजूरी ले ली है। अब 11 फरवरी को लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में स्टेयरिंग कमेटी की बैठक होगी, जिसमें इसे इन कोर्सों को शुरू करने की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। खास बात यह है कि बीटेक शुगर कैन एंड टेक्नालॉजी के माध्यम से छात्र पढ़ाई के साथ रिसर्च भी कर सकेेंगे। कृषि विवि के कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने बताया कि वेस्ट यूपी में किसान सबसे अधिक गन्ने की खेती करते हैं, ऐसे में गन्ने की मिठास बढ़ाने और उसके स्वाद को सुधारने के लिए नए कोर्स के माध्यम से छात्र रिसर्च कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए किसानों को भी जागरूक किया जाएगा और उन्हें समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
एंट्रेंस एग्जाम से मिलेगा प्रवेश
प्रदेश के चारों कृषि विवि में प्रवेश के लिए कंबाइड एंट्रेंस एग्जाम होता है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में जो चार नए कोर्स शुरू किए जाएंगे उनके लिए भी एंट्रेस एग्जाम कंबाइंड ही होगा। जिसमें फैजाबाद कृषि विवि, कानपुर कृषि विवि, मोदीपुरम कृषि विवि, बांदा कृषि विवि को शामिल किया गया। मार्च से इसके फॉर्म भरने शुरू हो जाएंगे। मई के दूसरे सप्ताह में एंट्रेंस एग्जाम होगा। जिसके बाद रिजल्ट आएगा और उसके आधार पर एडमिशन लिए जाएंगे।
विवि की पहचान बढ़ेगी
नए कोर्स को शुरू करने से विवि की पहचान और बढे़गी। गन्ने पर भी काम हो सकेगा और बीटेक और बीएससी के क्षेत्र में छात्र-छात्राएं नए कोर्सों में पढ़ाई भी कर सकेंगे। इसी सत्र से सभी कोर्सों को विवि में शुरू किया जाएगा।
- डॉ. गया प्रसाद, कुलपति कृषि विवि
11 फरवरी को बैठक होगी
नए कोर्सों के लिए 11 फरवरी को प्रमुख सचिव के साथ चारों कृषि विवि की बैठक होगी। इन कोर्सों को एंट्रेंस टेस्ट में शामिल किया जाएगा, जिसके आधार पर एडमिशन होगा। - डॉ. अशोक कुमार अहलूवालिया, कुलसचिव कृषि विवि