हिंदी सलाहकार सदस्य और चेयरपर्सन पर हमला
सरधना। मोहल्ला पीरजादगान में चेयरपर्सन के आवास से कुछ दूर बुधवार देर शाम एक स्कार्पियो गाड़ी खड़ी थी। जिसमें मानव संसाधन विकास मंत्रालय के हिंदी सलाहकार सदस्य ओपी शास्त्री और उनके भाई नरेंद्र शर्मा चेयरपर्सन के यहां से निकलकर स्कॉर्पियो तक पहुंचे। इस दौरान उन पर कुछ युवकों ने अचानक हमला बोल दिया। वे स्कॉर्पियो में बैठकर जाने लगे इस दौरान स्कॉर्पियो के शीशे टूट गए और दोनों भाई घायल हो गए। सूचना पाकर पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही हमलावर भाग निकले। घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया है। वहीं, ओपी शास्त्री ने बताया कि नवाबगढ़ी में एक जमीन का विवाद चल रहा है। जिसकी वह पैरोकारी कर रहे हैं। रंजिश में उन पर दर्ज मुकदमे के नामजद आरोपियों के साथ मिलकर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कराया है।
ओमपाल शर्मा उर्फ ओपी शास्त्री पुत्र भागमल शर्मा ने बताया कि वह मूल रूप से भामौरी गांव के रहने वाले हैं। उनका वर्तमान में बागपत में गंगा एंक्लेव चमरावल रोड पर आवास है। वह रालोद नेता ऐनूद्दीनशाह के एक जमीन के मुकदमे में पैरोकार भी हैं। नवाबगढ़ी रोड पर जमीन के विवाद में एक मुकदमा मुकेश, राकेश, मालती, संजय के खिलाफ दर्ज कराया था। वह बुधवार को अपने भाई नरेंद्र शर्मा के साथ तहसील रोड से होते हुए जा रहे थे। सिंडिकेट बैंक के सामने करीब दर्जन भर युवकों ने उन पर हमला कर दिया। जिसमें उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई और हमले में दोनों भाई घायल हो गए। ओपी शास्त्री ने इस हमले को नवाबगढ़ी में जमीन के विवाद में दर्ज मुकदमे के विरोध में होना बताया है। फिलहाल घायल ओपी शास्त्री व उसके भाई नरेंद्र शर्मा को सीएचसी में भर्ती कराया है। ओपी शास्त्री ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। ओपी शास्त्री का नवाबगढ़ी में जमीन के विवाद के चलते अक्सर थाना व तहसील में आना जाना रहता है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।