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किससे वसूले जुर्माना, गोवंश पालकों का पता नहीं

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गोवंश को छोड़ने वालों का अभी तक चिह्निकरण नहीं
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जुर्माना वसूलना दूर की कौड़ी साबित हुआ
शरद गुप्ता
मवाना। आश्रयस्थल में गोवंशों के लिए चारे और पानी की व्यवस्था गोशाला समिति के लिए चुनौती बन गई है। वहीं, इन गोवंश को आश्रय स्थल तक भेजकर नगर पंचायत, नगर पालिका एवं खंड विकास कार्यालय के अधिकारियों ने इतिश्री कर ली है। वहीं, मवाना तहसील अंर्तगत आने वाली पालिका, नगर पंचायत एवं ब्लॉक द्वारा अभी तक निजी गोवंश छोड़ने वालों से जुर्माना नहीं वसूला गया है।
गोवंश पालकों के चिह्निकरण के लिए नहीं उठाया कदम
सड़कों पर घूम रहे गोवंशीय पशुओं को योगी सरकार ने गोशाला तक पहुंचाया और अब उनकी देखरेख पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नगर पंचायत, नगर पालिका, खंड विकास कार्यालय स्तर पर बनाई गईं स्थायी और अस्थायी गोशालाओं को पुख्ता किया जा रहा है। वहीं, उनके चारे की व्यवस्था के लिए अनुदान देने की भी तैयारी है। सड़कों पर आखिर गोवंश आया कहां से? सरकार ने इन गोवंश को सड़कों पर छोड़ने वालों को चिह्नित कर उनसे जुर्माना वसूलने के भी आदेश दिए थे। हालांकि संबंधित अधिकारी अभी तक ऐसे किसी व्यक्ति का पता नहीं लगा सके हैं। यदि यह गोवंश किसी पशुपालक के नहीं हैं तो इतनी बड़ी संख्या में कहां से आए।
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अभियान की आड़ में गोवंश पहुंचाए गोशाला
सड़कों पर घूम रहे गोवंश को आश्रय स्थल जरूर पहुंचाया गया परंतु इसकी आड़ में उन लोगों ने भी अपने पशु पहुंचा दिए जो दूध नहीं दे रहे थे। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक गोशाला की समिति के पदाधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान नगर के कई लोगों ने साठगांठ कर ऐसा किया है।
यह है अब तक की स्थिति
मवाना नगर पालिका द्वारा लगभग 20 एवं ब्लॉक द्वारा करीब 46 गोवंशीय पशु पकड़े गए। हालांकि ब्लॉक अधिकारियों का दावा है कि 123 लोगों की पहचान की गई है। इस बाबत बीडीओ सुनीत भाटी का कहना है कि जो आवारा पशु सड़कों पर घूम रहे थे परंतु उनके मालिक उन्हें ले गए। उनसे जुर्माना नहीं वसूला गया। वहीं, पालिका चेयरमैन मोहम्मद अय्यूब कालिया ने बताया कि पालिका द्वारा अभी जुर्माना नहीं वसूला गया है। न ही पालकों के बारे में जानकारी मिल सकी है।
परीक्षितगढ़ नगर पंचायत द्वारा 10 एवं ब्लॉक द्वारा 36 गोवंशीय पशु पकड़े गए। इनके पालकों के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। जिस कारण जुर्माना नहीं वसूला जा सका है। एडीओ पंचायत बाबूराम नागर एवं चेयरमैन अमित मोहन टीपू का कहना है कि जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही चिह्नित कर जुर्माना वसूला जाएगा।
बहसूमा नगर पंचायत क्षेत्र में आवारा पशु घूम रहे हैं। 11 गोवंश को अभी तक पकड़ा गया है और उन्हें मवाना स्थित श्री पिंजरापोल गोशाला में भेज दिया गया। अधिशासी अधिकारी कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि अभी तक जुर्माना नहीं वसूला गया है।
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फलावदा नगर पंचायत के वरिष्ठ लिपिक फहीम का कहना है कि उनकी नगर पंचायत क्षेत्र में कोई भी गोवंश आवारा घूमते नहीं मिला।
हस्तिनापुर नगर पंचायत द्वारा अभी तक 16 गोवंशीय पशुओं को पकड़ा गया है। जिनके लिए आश्रय स्थल भी तलाशा जा रहा है। वहीं, ब्लॉक के माध्यम से 135 गोवंशीय पशु पकड़े गए, लेकिन दोनों विभाग गोवंश किसका है, इस बारे में कोई जानकारी हासिल नहीं कर सके हैं।
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