मेरठ। नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक को लेकर महापौर और नगरायुक्त में रार रुकने के बजाय और तेज हो गई है।
महापौर ने 16 जुलाई को निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलायी थी। लेकिन नगरायुक्त ने बैठक को सहमति नहीं दी। वहीं अब नगरायुक्त ने महापौर को पत्र लिखकर 24 या 25 जुलाई को निगम कार्यकारिणी बैठक बुलाने का निर्णय लेने की बात कही है। जिस पर महापौर ने ना बोल दिया है। यही नहीं महापौर ने हाईकोर्ट से वापस लौटने के बाद ही निगम कार्यकारिणी बैठक करने का निर्णय लेने की बात कही है।
दरअसल निगम कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठक प्रतिमाह होनी चाहिए। लेकिन कई माह से बैठक नहीं हो रही है। महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि 12 जुलाई को पत्र लिखकर नगरायुक्त को अवगत कराया गया था कि 16 जुलाई को निगम कार्यकारिणी की बैठक की जाए। नगरायुक्त ने एक दिन पहले शाम को महापौर को पत्र लिखकर कुछ कारण बताते हुए कार्यकारिणी की बैठक न करने और आगे कोई तिथि रखने की बात कही थी। महापौर बसपा के सभी कार्यकारिणी सदस्यों के साथ टाउन हॉल पहुंच गयी थीं। लेकिन निगम का कोई अधिकारी टाउन हॉल नहीं पहुंचा था। जिस पर महापौर ने नगरायुक्त सहित निगम के सभी अधिकारियों पर जनता की समस्याओं का निस्तारण न करने के आरोप लगाए थे। दो दिन पहले महापौर ने अपने अधिकारों के हनन को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही थी।
शनिवार को नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने महापौर को पत्र भेजकर आगामी 24 या 25 जुलाई को निगम कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का निवेदन किया है। जिस पर महापौर सुनीता वर्मा का कहना है कि अब निगम कार्यकारिणी या बोर्ड बैठक का निर्णय इलाहाबाद से वापस लौटने के बाद ही लिया जाएगा। क्योंकि वह हाईकोर्ट में न्याय के लिए वाद दायर करने पहुंच रही हैं।
खास बातें:
- नगरायुक्त ने महापौर को भेजा पत्र, 24-25 जुलाई को बुलाएं कार्यकारिणी बैठक
- महापौर बोलीं, पहले हाईकोर्ट जाऊंगी फिर होगी कार्यकारिणी बैठक पर बात