मेनका से जुड़े पाल होटल की अवैध मार्केट के तार
मेरठ। घंटाघर के निकट पाल होटल पर अवैध रूप से मार्केट बनाने वालों के तार मेनका सिनेमा को ध्वस्त करने वालों से सीध जुड़ रहे हैं। इस बाबत भी जिलाधिकारी से शिकायत की जाएगी। इस मसले पर अधिकारी चुप हैं।
निगम एक्ट के मुताबिक सरकारी संपत्ति का स्वरूप बदलने का किसी को अधिकार नहीं है, जबकि पाल होटल के अंदर ही अंदर कमरे तोड़कर दुकानें बना दी गईं। पूरी मार्केट चल रही है। कार्रवाई के नाम पर पाल होटल की पत्रावली गायब कर दी गई। मार्केट का नाम न्यू पालिका बाजार रख दिया गया। दुकानों को बेचने की भी बोली लगाई गई। निगम की करोड़ों रुपये की संपत्ति की बंदरबांट हो गई। पाल होटल का मुद्दा बार-बार नगर निगम की बोर्ड बैठकों में भी उठता रहा है। हाल ही में अमर उजाला ने सभी बिंदुओं के साथ मामले को स्पष्ट किया था। उसको भी एक सप्ताह बीतने वाला है। लेकिन नगर निगम प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इस प्रकरण की भी जांच हो तो साफ हो जाएगा कि एक पूरा रैकेट शहर में काम कर रहा है जो निगम या नजूल संपत्तियों को इसी तरह से बेच रहा है।