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रक्षा मंत्रालय की एसएलपी खारिज, कैंट में बनेगा सिनेमा

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रक्षा मंत्रालय की एसएलपी खारिज, कैंट में बनेगा सिनेमा
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मेरठ। चैपल स्ट्रीट स्थित बंगला नंबर 167 में पैलेस सिनेमा के मामले में रक्षा मंत्रालय की एसएलपी को सुप्रीमकोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे कैंट बोर्ड द्वारा पास किया गया पैलेस सिनेमा का नक्शा अब वैध हो गया है।
साल 2008 में बंगला नंबर 167 चैपल स्ट्रीट के मालिक राजेश अग्रवाल ने कैंट बोर्ड में सिनेमा हॉल बनाने के लिए नक्शा पास कराने को आवेदन किया था। तत्कालीन सीईओ केसी गुप्ता ने इसे बोर्ड बैठक में रखा, जहां से वो पास हो गया। इसके बाद रक्षा मंत्रालय में एक बेनामी शिकायत हुई। जिसमें कहा गया कि यह सात हिस्सों में बंटा है। रक्षा मंत्रालय ने सातों हिस्सों को मिलाकर नक्शा पास करने पर इसे चेंज ऑफ परपज के दायरे में मानते हुए कैंट बोर्ड को नोटिस जारी कर दिया।
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रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्ड के नक्शा पास करने के फैसले को निरस्त कर दिया। इस आदेश के खिलाफ राजेश अग्रवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका डाली। रक्षा मंत्रालय ने अग्रवाल को सुनवाई का मौका देकर उनका तर्क खारिज कर अपने पूर्व के फैसले की पुष्टि कर दी। इस पर राजेश अग्रवाल दोबारा हाईकोर्ट चले गए। जहां पर हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए कैंट बोर्ड के आदेश को बहाल कर दिया।
सरकार ने केस हारने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट डिवीजन बेंच में इसकी अपील की। सिंगल जज के फैसले की डिवीजन बेंच ने भी पुष्टि कर दी। इस पर सरकारी वकील ने एसएलपी दायर करने की सलाह दी। कुछ दिन पहले राजेश अग्रवाल ने अवमानना याचिका दायर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आने के बावजूद नक्शे के कागजात नहीं दिए जा रहे। इस पर सरकार ने एसएलपी दायर करने का फैसला लिया और पैरोकारी के लिए कैंट बोर्ड को अधिकृत कर दिया। कैंट बोर्ड ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर दी। सोमवार को यह एसएलपी सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गई। कैंट बोर्ड प्रवक्ता एमए जफर ने बताया कि एसएलपी पर सुप्रीम कोर्ट ने गुणदोष के आधार पर सुनवाई से इंकार कर दिया है।
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ये कैसी विभागीय जांच
केस हारने के बाद रक्षा मंत्रालय ने नक्शा पास करने वालों पर विभागीय जांच के आदेश दिए। तत्कालीन सीईओ केसी गुप्ता, सीईई अनुज सिंह, एई पीयूष गौतम, जेई केए गुप्ता और कमल यादव के खिलाफ जांच बैठाकर चार्जशीट दे दी गई। तत्कालीन लखनऊ कैंट बोर्ड सीईओ शोभा गुप्ता को जांच अधिकारी बनाया गया। यह जांच अभी जारी है। लेकिन एई पीयूष गौतम और जेई केए गुप्ता को क्लीन चिट दी जा चुकी है। जबकि इसी मामले में कैंट बोर्ड ने बीते दिनों कुछ दिन पहले सीईई अनुज सिंह को निलंबित कर दिया था। ऐसे में एक ही मामले में इस तरह का निर्णय विभागीय जांच पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि अब जब सुप्रीमकोर्ट ने एसएसलपी को खारिज ही कर दिया है तो विभागीय जांच खुद ही खत्म हो जाएगी।

खास बातें:
कैंट बोर्ड ने सन 2008 में किया था नक्शा पास, शिकायत होने पर रक्षा मंत्रालय ने कर दिया था निरस्त


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