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बीएसफ जवान के परिवार ने दबा रखी थी गरीब की जमीन

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बीएसफ जवान के परिवार ने ही दबा रखी थी गरीब की जमीन
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मेरठ।
सरधना तहसील के ग्राम जलालाबाद उर्फ जलालपुर बहैटा निवासी बीएसएफ के जवान की शिकायत पर मंडलायुक्त द्वारा कराई गई जांच में जवान की शिकायत पूरी तरह गलत निकली। उल्टे जांच में जवान के परिजनों द्वारा ही गांव के गरीब व्यक्ति की जमीन कब्जाने का मामला सामने आया। जिस पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल ने बुधवार को स्वयं जाकर न केवल कब्जा हटवाया, बल्कि गरीब किसान को उसकी जमीन पर कब्जा भी दिलवाया। यह मामला बीएसएफ जवान द्वारा मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर रोते बिलखते हंगामा करने के कारण मीडिया पर आने से चर्चा में आ गया था।

ये था मामला
बीएसएफ में एएसआई जगबीर सिंह ने मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से शिकायत की थी कि उनकी पुश्तैनी जमीन खसरा नंबर 485 जिसका रकबा 740 मीटर है, उसने 2014 में खरीदी थी। यह जमीन जगबीर सिंह की पत्नी सीमा देवी के नाम खरीदी गई थी। इस जमीन पर गेहूं की फसल बोने का दावा भी किया था। आरोप लगाया था कि गांव के नत्थू और किरण सिंह ने पुलिस प्रशासन से साठगांठ कर उसकी जमीन पर कब्जा करने के साथ फसल नष्ट कर दी।
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जांच में आया सच सामने
इस मामले में पहले भी तहसील द्वारा जांच की गई और पता चला कि जगबीर पक्ष अनावश्यक रूप से नत्थू पक्ष के खेत में हस्तक्षेप कर रहा है। इस मामले में तहसील की टीम ने 3 जनवरी को पैमाइश कराकर विरोध समाप्त कर दिया था। लेकिन एक बार फिर जगबीर पक्ष ने नत्थू की जमीन में न केवल हस्तक्षेप किया, बल्कि मंडलायुक्त के यहां उल्टे नत्थू और पुलिस प्रशासन की शिकायत की। जिस पर फिर से जांच हुई, जिसमें पाया गया कि नत्थू पक्ष की जमीन में जगबीर पक्ष अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहा है।
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नत्थू बहुत ही गरीब है और बीपीएल कार्ड धारक है। उसका घर भी जीर्ण शीर्ण हालत में है। नत्थू के खिलाफ जगबीर सिंह की शिकायत पूरी तरह निराधार और गलत थी। तहसील प्रशासन या पुलिस ने कोई पक्षपातपूर्ण कार्रवाई नहीं की। जांच के बाद नत्थू को उसकी जमीन पर कब्जा दिला दिया गया है। सत्यप्रकाश पटेल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन
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