मेरठ। कैंट में अवैध निर्माण पर कार्रवाई के लिए पुलिस बल नहीं मिला तो कैंट बोर्ड हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी कर रहा है। पहले भी बड़ी कार्रवाई भी हाईकोर्ट के आदेश पर हुई थी। हालात वैसे ही बनते जा रहे हैं। ध्वस्तीकरण का अभियान तय होने के बाद पुलिस नहीं मिलने की वजह से बड़ी कार्रवाई रुक गई।
छावनी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कार्रवाई को लेकर चल रही लंबी कवायद फिलहाल ठंडे बस्ते में है। डीएम समीर वर्मा की अध्यक्षता और कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव की मौजूदगी में हुई बैठक में 11 सितंबर से 17 सितंबर तक अवैध निर्माण पर कार्रवाई का अभियान शुरू करने की योजना बनी थी। बैठक में एसपी सिटी और अन्य पुलिस अधिकार भी मौजूद थे। 11 सितंबर की सुबह पुलिस नहीं मिलने की वजह से अभियान शुरू नहीं हो सका। अब कब अभियान शुरू होगा, इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। कैंट बोर्ड का कहना है अगर पुलिस नहीं मिली तो कार्रवाई के लिए उनके पास आखिरी रास्ता कोर्ट जाने का बचता है। याचिका दायर की जाएगी। नौ जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने बंगला नंबर 210 बी पर हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट के आदेश का पालन कराने के लिए मौके पर मौजूद थे। कैंट बोर्ड जल्द पुलिस नहीं मिलने पर फिर कोर्ट जाने की तैयारी में है। अवैध निर्माण की सूची में 139 मामले चिह्नित किए गए थे। शुरूआत बंगला नंबर 210 बी से होनी थी।
त्योहार के बाद कार्रवाई
त्योहार का सीजन शुरू होने वाला है। 21 जनवरी से नवरात्र शुरू हो जाएंगे। उसके बाद दशहरा और फिर दीवाली है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को त्योहार तक टालने की बात सामने आ रही है। हालांकि कैंट बोर्ड अवैध निर्माण पर निशानदेही कर चुका है। पुलिस मिलते ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। बड़ी कार्रवाई त्योहार पूरे होने तक टल सकती है।
11 सितंबर को चलना था अभियान, पुलिस नहीं मिलने के कारण नहीं हो सका शुरू
कैंट बोर्ड का कहना, पुलिस नहीं मिली तो हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका