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रेलवे फाटक का बैरियर हाथों पर, खतरे में लोगों का सफर

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रेलवे फाटक का बैरियर हाथों पर, खतरे में लोगों का सफर
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- बिजली बंबा बाईपास पर जुर्रानपुर फाटक का बैरियर पड़ा है खराब
- बैरियर नहीं उठने से शुक्रवार को बाईपास पर लगा भीषण जाम
- कई बार मामला संज्ञान में आने के बाद भी नहीं सुन रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। बिजली बंबा बाईपास स्थित जुर्रानपुर रेलवे फाटक पर बैरियर खराब होने के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम ट्रेन गुजरने के बाद फाटक का बैरियर न उठने से भीषण जाम लगा गया। ट्रैफिक पुलिस, गेटमैन और यात्रियों ने हाथ से बैरियर को उठाकर कार और दोपहिया वाहन बमुश्किल निकाले। ट्रक और अन्य बड़े वाहन वहीं फंसे रहे। रेलवे अधिकारियों की यह लापरवाही किसी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसके बाद भी अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं।
दिल्ली रोड को हापुड़ रोड से जोड़ने वाला बिजली बंबा बाईपास 7.6 किमी लंबा है। मेरठ-खुर्जा रेलवे लाइन इस मार्ग पर जुर्रानपुर से गुजरती है। इस लाइन से मेरठ-खुर्जा पैसेंजर, नौंचदी एक्सप्रेस और संगम एक्सप्रेस गुजरती हैं। जुर्रानपुर फाटक 52- सी पर लगातार बैरियर की समस्या बनी हुई है। गेटमैन ट्रेन आने पर बैरियर गिरा तो देता है, लेकिन ट्रेन गुजरने के बाद यह उठ नहीं पाता। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे मेरठ-खुर्जा पैसेंजर ट्रेन गुजरने के समय भी ऐसा ही हुआ। ट्रेन गुजरने के बाद जब गेटमैन ने बैरियर उठाने की कोशिश की तो यह नहीं उठा। इस दौरान फाटक के दोनों तरफ करीब दो-दो किमी तक वाहनों की लाइन लग गई। तभी ट्रैमो पर तैनात ट्रैफिक पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों, गेटमैन और अन्य लोगों ने हाथ से बैरियर को उठाकर कार और दोपहिया वाहन जैसे तैसे निकाले। करीब 7-8 फीट ऊंचा बैरियर उठने के कारण ट्रक आदि वाहन नहीं निकल सके। इस कारण कई घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे।
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40 हजार वाहन निकलते हैं रोज
वाहनों में सवार लोग अपने-अपने वाहन निकालने के लिए बैरियर उठाने की मशक्कत करते रहे। घंटों तक यही स्थिति रही। जिन लोगों की कार निकलती थीं, उसके बाद दूसरे युवक बैरियर को उठाकर वाहन निकालते। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि बिजली बंबा बाईपास पर सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक प्रतिदिन औसन 30 से 40 हजार वाहन निकलते हैं। जबकि रात में भारी वाहन और अन्य वाहन भी निकलते हैं।
सुबह भी खराब हुआ था बैरियर
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह भी ट्रेन गुजरने के बाद बैरियर न उठने से जाम लग गया था। उस समय भी जैसे तैसे बैरियर उठाकर वाहनों को निकाला गया। बैरियर के नीचे ई रिक्शा फंसने से समस्या झेलनी पड़ी।
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बाल-बाल बचे बाइक सवार
ट्रैफिक पुलिस, गेटमैन और अन्य लोगों ने हाथ से बैरियर उठा रखा था और वाहन निकल रहे थे। इस दौरान एक बाइक सवार महिला के ऊपर बैरियर गिरने से बाल-बाल बचा। अन्य लोगों ने बैरियर को हाथ लगाकर रोका। इसके बाद बाइक सवार निकल सका।
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