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पेरोल न मिलने पर बनाया प्लान

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पेरोल न मिलने पर बनाया प्लान
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- कोर्ट से दो बार खारिज हो चुकी थी पेरोल की अर्जी
- जेल में बैठकर बद्दो ने तैयार किया फरारी का प्लान
मेरठ।
रविंद्र हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे बदन सिंह बद्दो ने जेल से बाहर आने के लिए दो बार कोर्ट से पेरोल मांगी, लेकिन वह खारिज हो गई। उसके बाद बद्दो ने जेल से भागने की प्लानिंग की। उसने यह भी प्लान किया कि भागने के बाद उसका कहां ठिकाना रहेगा। पुलिस से बेटे को बचाने के पूरे इंतजाम करने के बाद उसने यह कदम उठाया।
पुलिस का कहना कि बद्दो पेरोल पर आकर गायब होना चाहता था। पीड़ित परिवार भी कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। इसके चलते उसे पेरोल नहीं मिली। उसके बाद बद्दो ने अपनी करोड़ों की संपत्ति समेटना शुरू किया। दो साल से बद्दो फरारी के बाद का इंतजाम करने में लगा था। उसने अपनी गाड़ी तक बेच दी थी। करीब छह माह से बद्दो पुलिस कस्टडी से भागने की तैयारी में लगा था। वह मौके की तलाश में था। फर्रुखाबाद पुलिस को उसने मैनेज कर लिया था।
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जैसा चाहा, वैसा ही किया
बद्दो ने पुलिसकर्मियों को अपने तरीके से इस्तेमाल किया। फरार होने के बाद पुलिस को जल्दी पता न चले, यह भी प्लान कर रखा था। करीब पांच घंटे बाद पुलिस को उसको भगाने वाले पुलिसकर्मियों ने सूचना दी। तब तक वह काफी दूर निकल गया होगा। यह सब बद्दो की सोची समझी प्लानिंग थी।
कई रसूखदार करते हैं मदद
बद्दो की मदद मेरठ के कई रसूखदार लोग करते हैं। उसकी जान पहचान वाले रसूखदार जेल से लेकर उसके बेटे तक का खर्चा उठाते हैं। बद्दो की खुद की संपत्ति भी काफी बताई जा रही है। पुलिस बद्दो के परिचित रसूखदारों का गुपचुप तरीके से पता लगा रही है।
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संपत्ति का ब्यौरा मांगा
लखनऊ में बैठे पुलिस अफसरों ने बद्दो की संपत्ति का ब्यौरा मेरठ पुलिस से मांगा है। पुलिस का कहना है कि बद्दो बेहद शातिर अपराधी है। उसने संपत्ति कई लोगों के नाम की हुई है। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के मुताबिक बद्दो इंटरनेट कालिंग से अपने गुर्गों से बातचीत करता था। वह अक्सर अपने परिचितों से बातचीत करता था।
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