तहसील की मांग को लेकर धरना जारी, जुटने लगी भीड़
खरखौदा। खरखौदा को तहसील बनाने की मांग को लेकर व्यापार संघ के नेतृत्व में ग्रामीणों का धरना जारी है। प्रदर्शनकारियों ने इसमें जन प्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील की है।
खरखौदा को तहसील बनाने की पिछले तीस वर्षों की मांग अब बड़ा रूप लेती जा रही है। पहले प्रदर्शनकारियों ने कमिशनरी पर धरना दिया। अब तीन दिन से खरखौदा में ही मैन बस स्टैंड पर व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव त्यागी के नेतृत्व में कस्बा व आस पास के गांव के ग्रामीण व ग्राम प्रधानों ने भी इस धरने में शामिल होना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि माछरा में तहसील बनाने के लिए उपयुक्त जमीन व संसाधन नहीं है उसके बाद भी राजनीतिक सहयोग के कारण माछरा को तहसील का दर्जा दिया जा रहा है। लेकिन खरखौदा में तहसील के लिए उपयुक्त जमीन व अन्य संसाधन उपलब्ध हैं लेकिन राजनीतिक सहयोग नहीं मिलने के कारण इसे तहसील का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने जन प्रतिनिधियों से अपील की है कि खरखौदा के नाम का प्रस्ताव भी तहसील बनाने के लिए भेजा जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि खरखौदा को तहसील बनाने में राजनीतिक सहयोग नहीं मिला तो आने वाले लोक सभा चुनाव में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। वहीं प्रदर्शनकारियों ने बताया कि खरखौदा से एक दल जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेगा तथा खरखौदा में तहसील बनने के सभी मानकों की जानकारी देगा। वहीं प्रदर्शनकारियों ने जानकारी दी कि यदि जल्द ही सरकार ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की तो अब धरना खरखौदा में नहीं कमिश्नरी पर होगा। जिला पंचायत सदस्य शमशाद अली, देवेंद्र शर्मा, मंशा राम, मूलचंद, विजय वर्मा, जगन्नाथ, सुमित गर्ग, नीरज त्यागी, गौरव त्यागी, शहजाद अंसारी, बृजेश कुमार, प्रवेश त्यागी, जगत पोसवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।