मेरठ। कैंट में कई बैंकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मास्टर सर्कुलर के निर्देश का पालन नहीं किया। लीज और किराये का एग्रीमेंट संपत्ति के मालिक के अलावा उस पर काबिज व्यक्ति से कर लिया। इस संपत्ति विवाद में बैंक फंस गए हैं। चार बैंकों ने नोटिस का जवाब अब दिया है। कई बैंकों ने आरबीआई के लाइसेंस का हवाला दिया है।
एस्टेट ऑफिसर राजीव श्रीवास्तव की ओर से आठ बैंक प्रबंधकों के खिलाफ पीपी एक्ट के तहत दिए गए नोटिस का जवाब नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस बारे में खबर प्रकाशित होते ही चार बैंकों ने नोटिस का जवाब भेजा है। एस्टेट ऑफिसर के अनुसार आरबीआई ने एक जुलाई 2015 को मास्टर सर्कुलर जारी किया था। जिसमें नई शाखा या एटीएम खोलने के लिए लीज या रेंटल एग्रीमेंट संपत्ति मालिक से करने का निर्देश है।
कैंट में भारत सरकार की जमीन पर ब्रांच खोलने और एटीएम लगाने के लिए संपत्ति पर काबिज व्यक्तियों से एग्रीमेंट कर लिया गया। जो कि गलत है। 15 बैंक प्रबंधकों को नोटिस दिया गया था। जिसमें से सात ने जवाब दिया था। जिन्होंने जवाब दिया है, उसको लेकर एक-दो दिन में निर्णय होगा। कुछ संपत्ति की लीज भारत सरकार से ली गई है। जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कैंट शाखा शामिल है।
मोबाइल टॉवर का टेंडर जल्द
कैंट में मोबाइल टॉवर (कम्युनिकेशन ऑन व्हील) खड़े करने के लिए कैंट बोर्ड टॉवर लगाने के लिए जल्द ही टेंडर आमंत्रित करने जा रहा है। अगले सप्ताह तक टेंडर मांगने की तैयारी है। बोर्ड बैठक में काउ के प्वाइंट पास हो चुके हैं। टेंडर होने की देरी है।
खास बात
- रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मास्टर सर्कुलर का नहीं हुआ पालन
- चार बैंकों ने नोटिस का दिया जवाब, गलत तरीके से हुई है लीज