कैंट में कई रजिस्ट्री होंगी रद्द, 150 नोटिस तैयार
मेरठ। छावनी क्षेत्र में लोग ओल्ड ग्रांट बंगले और डिफेंस लैंड को फर्जी तरीके से बेच रहे हैं। कैंट बोर्ड को जांच में कई रजिस्ट्री ऐसी मिली हैं जो अवैध ढंग से हुई हैं। विभाग इन रजिस्ट्री को रद्द कराने की तैयारी कर रहा है। कैंट में अधिकांश बैंक और एटीएम सरकारी जमीन पर अवैध रूप से चल रहे हैं। इनको नोटिस दिए गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बैंक मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। अतिक्रमण और अवैध निर्माण के मामले में करीब 150 नोटिस तैयार हुए हैं।
कैंट में अवैध निर्माण और लैंड यूज में गड़बड़झाला का मामला सिर्फ बंगला नंबर 210 बी तक सीमित नहीं है। कैंट बोर्ड द्वारा की गई जांच में कई अवैध संपत्तियों का खुलासा हुआ है। इनमें कई रजिस्ट्री अवैध मिली हैं। बंगला नंबर 183 और 184 में अवैध निर्माण और लैंड यूज बदलने की शिकायत जांच में पुष्ट हो चुकी है। कैंट बोर्ड अब इन दोनों बंगलों में हुई अवैध निर्माण और लैंड यूज बदलने पर कार्रवाई करेगा। कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव का कहना है उक्त दोनों बंगलों में जांच के दौरान कई अनियमितता पाई गई हैं। दो दिन में निरीक्षण के दौरान अवैध निर्माण के कई मामले पकड़े हैं। सीलिंग में अभी कार्रवाई सिर्फ उन दुकानों पर की जा रही है जो खाली हैं। नोटिस देने के बावजूद जो चेते नहीं और जवाब नहीं दिया उन पर भी कार्रवाई होगी।
रिजर्व बैंक को देंगे जानकारी
छावनी क्षेत्र में अधिकांश बैंक और एटीएम सरकारी जमीन पर अवैध रूप चल रहे हैं। कैंट बोर्ड सीईओ के मुताबिक बैंकों को नोटिस जारी किया गया था। कई ने जवाब दिया कि उनके पास आरबीआई का लाइसेंस है लेकिन लाइसेंस बैंक ऑपरेट करने के लिए है, न कि संपत्ति पर काबिज होने के लिए। डिफेंस लैंड पर काबिज होने की जानकारी आरबीआई को दी जाएगी। मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
दूसरे इलाकों का भी होगा निरीक्षण
सीईओ ने सदर बाजार, आबूलेन, बांबे बाजार में खुद निरीक्षण किया। इसी तरह दूसरे बाजार और रिहायशी इलाकों में भी निरीक्षण होगा। कई जगह पर लैंड यूज बदलने की शिकायत है। कई बंगलों का सैटेलाइट से सर्वे किया जा रहा है।
खास बात
जांच में हुआ खुलासा, ओल्ड ग्रांट बंगला की जमीन और डिफेंस लैंड बेच दी गई