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बिजली की खबर

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468 करोड़ रुपये के बकायेदार हुए पीवीवीएनएल उपभोक्ता
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- अप्रैल से अगस्त तक पीवीवीएनएल के 467 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं के पास फंसे
- बिजली प्रयोग करके नहीं अदा कर रहे भुगतान
राजदीप जाखड़
मेरठ। प्रदेश में सर्वाधिक विद्युत राजस्व अर्जित करने वाली पीवीवीएनएल अपने चौदह जिलों के करीब 44 लाख उपभोक्ताओं को शेड्यूल अनुसार बिजली आपूर्ति तो कर रही है, लेकिन करीब 12 फीसदी उपभोक्ता यूज की गई बिजली का बिल अदा नहीं कर रहे हैं। अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक ऐसे उपभोक्ताओं पर करीब 468 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। हालांकि इस बकाया राशि में काफी बकाया मीटर डिफेक्ट आदि का भी है। इतनी बड़ी बकाया राशि नहीं मिलने से कंपनी के एमडी अभिषेक प्रकाश ने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है।
पीवीवीएनएल पर भी बिजली खरीद के मुकाबले बिक्री राशि कम मिलने से राजस्व प्रभावित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक ही कंपनी के आरएपीडीआरपी डाटा अंतर्गत कुल 22 लाख 54 हजार उपभोक्ताओं में से 2 लाख 69 हजार 50 उपभोक्ताओं पर 467 करोड़ 48 लाख रुपया बकाया हो चुका है। यानि करीब 12 फीसदी उपभोक्ताओं ने कंपनी को प्रयोग की गई बिजली का बिल अदा नहीं किया है। इसमें सिंगल व थ्री फेस दोनों तरह के उपभोक्ता शामिल है।
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मुख्य व अधीक्षण अभियंता पर गिर चुकी राजस्व वसूली में लापरवाही की गाज
मुख्य अभियंता सहारनपुर जोन पंकज कुमार व अधीक्षण अभियंता बागपत रामवीर सिंह पर कम राजस्व वसूली की गाज गिर चुकी है। मुख्य अभियंता पंकज कुमार को हटाकर लखनऊ मुख्यालय से और अधीक्षण अभियंता बागपत रामवीर सिंह को हटाकर सहारनपुर जोन से अटैच किया गया है। इसकेे अलावा भी गाजियाबाद व मुरादाबाद जोन के मुख्य अभियंताओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
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मुरादाबाद व गाजियाबाद जोन में सर्वाधिक बकाया
जोन बकायेदार उपभोक्ता बकाया राशि
मेरठ 37567 8469.19
गाजियाबाद 88885 13764.50
सहारनपुर 42206 6823.08
नोएडा 14026 1752.76
मुरादाबाद 86366 15938.56
................................................................................................
269050 46748.10 लाख रुपये

क्या कहते हैं अधिकारी
अप्रैल माह से लेकर अगस्त माह तक कंपनी के उपभोक्ताओं पर करीब 468 करोड़ रुपया बकाया हो गया है। बकाया राशि वसूलने के लिए अधिकारियों को लगाया गया है। जो अधिकारी लापरवाही कर रहा है उसे हटाया जा रहा है। राजस्व नहीं मिलेगा तो कंपनी बिजली कैसे खरीद पाएगी।
अभिषेक प्रकाश, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
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