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संयम की जीवन में बड़ी महता

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संयम की जीवन में बड़ी महत्ता है
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पर्यूषण महापर्व के अवसर पर श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में हुआ तीन लोक महामंडल विधान
हस्तिनापुर। पर्यूषण महापर्व के अवसर पर श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे तीन लोक महामंडल विधान में बृहस्पतिवार को सर्वप्रथम यज्ञशाला में जाप्यानुष्ठान पूर्वक मुख्य वेदी में विराजमान श्री शांतिनाथ, श्री कुंथुनाथ, श्री अरहनाथ त्रय तीर्थंकरो का जलाभिषेक हुआ। शांतिधारा करने का सौभाग्य विनोद जैन, सुषमा जैन, अक्षत जैन, परिका जैन, नव्या जैन, आन्या जैन को प्राप्त हुआ। उनका सहयोग विधान के सुशील कुमार जैन ने किया। तीर्थ क्षेत्र के मंत्री व विधान संयोजक प्रद्युमन कुमार जैन ने सभी श्रद्वालुओं का मंगल तिलक व माला पहनाकर स्वागत किया।
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मुनि श्री 108 भाव भूषण जी महाराज ने कहा कि अपनी पंच इंद्री एवं मन को वश में करना अथवा षट काय के जीवों की रक्षा करना संयम कहलाता है। संयम की जीवन में बड़ी महत्ता है, बिना संयम के प्राणी स्वछंद हो जाता है और अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता । जैसे हाथी को अंकुश, घोड़े को लगाम, कार को ब्रेक तथा नदी को तटों की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार से मनुष्य को भी संयम की आवश्यकता है। अगर घोड़े में लगाम न हो, हाथी के लिए अंकुश न हो, कार में ब्रेक न हो ओर नदी का जल तटों को भी पार कर जाये जो भयानक स्थिति होती है, उससे भी कही गंभीर स्थिति बिना संयम के मनुष्य की होती है। इस संयम के बिना तीर्थंकर भी मोक्ष को प्राप्त नहीं कर सकता है, इसलिए अपने जीवन में संयम धर्म अपनायें तभी आपका जीवन सफल हो सकता है। तीनलोक महामंडल विधान की मांगलिक क्रियाएं जैन दर्शानाचार्य पं. आशीश जैन शास्त्री जी द्वारा कराई गई। नित्य नियम पूजन के पश्चात शीतलनाथ भगवान की पूजा की गई। समस्त पात्रों ने तीनलोक महामंडल विधान करते हुए मांडले पर श्रीफल चढ़ाकर पुण्य का संचय किया। मांडले पर अर्घ चढ़ाने का सौभाग्य मुकेश जैन, विनोद कुमार जैन, मनमोहन जैन, सतेंद्र कुमार जैन, प्रमोद जैन, तरस कुमार जैन, महेशचंद जैन, मोतीलाल जैन, प्रभात जैन, धर्मचंद जैन आदि को प्राप्त हुआ। दोपहर में सुगंध दशमी व्रत की कथा के माध्यम से जाना की आज का दिन हमें पवित्रता की याद दिला रहा है। अटूट श्रद्धा के साथ पाले गये संयम की याद दिला रहा है, ताकि हम भी पवित्रता संयम को अपना सके। इसके उपरांत सभी भक्तों ने सामूहिक रूप से सभी मंदिरो में धूप चढ़ाकर कर्मों की निर्जरा की। शाम को संगीतमय आरती, भजन, भक्ति की गई, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसके पुरस्कार अरुणा जैन, श्रीमती वीना जैन श्रीमती शशी जैन, सहारनपुर की ओर से प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश जैन महाप्रबंधक, अशोक जैन, अतुल जैन, उमेश जैन, कमल जैन, मणिचंद जैन नवनीत जैन, सौरभ जैन आदि का सहयोग रहा।
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