मेरठ। पीवीवीएनएल एक तरफ जहां राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं होने पर यूपीपीसीएल चेयरमैन के निशाने पर है, वहीं बिलिंग एजेंसियां उपभोक्ताओं तक हर महीने बिल नहीं पहुंचा रही है। बिल नहीं पहुंचने का खामियाजा उपभोक्ताओं को बकाये में कनेक्शन कटने से भुगतना पड़ रहा है। हर माह पश्चिमांचल में करीब एक हजार कनेक्शन बकाये में काटे जा रहे हैं। उपभोक्ता को बिना गलती के ही कनेक्शन जुड़वाने के लिए 300 रुपये शुल्क देना पड़ रहा है।
पीवीवीएनएल अपने 44 लाख उपभोक्ताओं को बिलिंग एजेंसियों के माध्यम से बिल मुहैया कराता है। बिलिंग कंपनियों के रीडर घर-घर जाकर हर माह की दस तारीख तक बिल बनाते हैं। इसके बाद उपभोक्ता निर्धारित देय तिथि तक बिल भुगतान करते हैं। भुगतान नहीं करने पर उपभोक्ता का कनेक्शन बकाया बिल में काट दिया जाता है। पिछले दिनों कंपनी ने अपनी कई बिलिंग एजेंसियों को बदला है। इस अदला-बदली और पुरानी की जगह नई कंपनियों के आने से पूरे पश्चिमांचल में अफरातफरी मची हुई है।
बिल नहीं दिया तो क्या काटा कनेक्शन
पिछले दो माह से उपभोक्ताओं के पास समय से बिल नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि बिल पहुंचाने में नाकाम रहने वाली कंपनी बकाये में कनेक्शन कटवा रही है। उपभोक्ता का इसका पता तब लगता है, जब उसके घर की बत्ती गुल हो जाती है। शिकायत करने पर बिजलीघर या अधिकारी बताते हैं कि बकाये के चलते कनेक्शन काटा गया। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल मुहैया कराने में नाकाम विभाग उनके कनेक्शन बकाये में कैसे काट सकता है। केवल उनके ही कनेक्शन काटे जाएं जिन्होंने बिल मिलने के बाद भी निर्धारित देय तिथि तक जमा नहीं किया है।
हर माह लग रहा दंड
पश्चिमांचल में कंपनी के सभी चौदह जिलों में रोजाना करीब एक हजार कनेक्शन बकाये में काटे जा रहे हैं। इसमें करीब 500 मामले ऐसे होते हैं जिनमें उपभोक्ता तक बिलिंग कंपनी ने बिल ही नहीं पहुंचाया है। ऐसे में बिना गलती के ही उपभोक्ता को कनेक्शन जुड़वाने का 300 रुपये दंड देना पड़ रहा है। कंपनी की बिलिंग एजेंसियों की खामियों के चलते करीब डेढ़ लाख रुपये का चूना उपभोक्ताओं को हर महीने लग रहा है।
ब्लैक लिस्ट नहीं हो रही कंपनी
पीवीवीएनएल की बिलिंग शर्तों में उपभोक्ताओं तक बिल नहीं पहुंचा पाने वाली एजेंसियों को ब्लैक लिस्टेड करना भी शामिल है। इसके बावजूद गलती करने और राजस्व को चूना लगाने वाली बिलिंग एजेंसियों को ब्लैक लिस्ट नहीं किया जा रहा है। ये एजेंसियां उपभोक्ताओं के साथ ही कंपनी को भी घाटा पहुंचाने में लगी हैं।
खुद रीडिंग लेकर भी बनवा सकते हैं बिल
उपभोक्ता बिल नहीं बनने की स्थिति में जागरूकता का परिचय दें। अपने मीटर से महीने की रीडिंग लेकर कैश काउंटर से बिल बनवाकर जमा करा दें। अन्यथा विभाग की गलतियों का खामियाजा बकाया बिल में कनेक्शन कटने से उठाना पड़ेगा। ऑनलाइन बिल जमा कराने वाले उपभोक्ता भी ट्रस्ट रीडिंग के जरिये अपना बिल बनवाकर जमा करा सकते हैं।
ब्लैक लिस्ट करेंगे
एमडी पीवीवीएनएल अभिषेक प्रकाश का कहना है कि बिलिंग एजेंसियों के शत-प्रतिशत बिल नहीं बनाने की शिकायत मिल रही हैं। इसके लिए उन्हें फटकार लगाई गई है। आगे से गलती करने पर इन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।
खास बात
- पीवीवीएनएल में कई बिजली बिल एजेंसी बदलने से आ रही दिक्कत
- माह की दस तारीख तक बिल बनना अनिवार्य,
- रोजाना काटे जा रहे एक हजार से ज्यादा कनेक्शन
- जोड़ने के लिए देना पड़ रहा 300 रुपये शुल्क